नितिन जौहरी दैनिक केसरिया हिंदुस्तान
सीहोर। सीहोर जिले के ग्राम बड़बेली में करंट लगने से किसान सतीश मेवाड़ा के गंभीर रूप से घायल होने के मामले में लगातार प्रकाशित समाचारों और ग्रामीणों की मांग का असर दिखाई दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं सीहोर जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर के आदेश के बाद विद्युत विभाग और विद्युत सुरक्षा विभाग की संयुक्त जांच टीम गांव पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की।
किसान एवं समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा के नेतृत्व में दर्जनों गांवों के किसानों और ग्रामीणों ने जांच अधिकारियों को गांव की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया। ग्रामीणों ने गांव में जगह-जगह झूल रही 11 केवी हाईटेंशन लाइन, एलटी लाइन, जर्जर एवं टेढ़े-मेढ़े विद्युत खंभे तथा खेतों और सडक़ों के ऊपर लटक रहे विद्युत तारों को मौके पर दिखाया। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इन खतरनाक परिस्थितियों की शिकायत की जाती रही है, लेकिन विद्युत विभाग द्वारा समय रहते सुधार कार्य नहीं कराया गया।
ग्रामीणों ने जांच अधिकारियों को बताया कि विगत वर्षों में भी गांव में करंट लगने की कई गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं। कई किसान घायल हुए, कुछ लोगों के हाथ तक कट चुके हैं तथा करंट लगने से ग्रामीणों की मौतें भी हुई हैं। इन सभी घटनाओं की जानकारी जांच दल को मौखिक एवं लिखित आवेदन के माध्यम से दी गई।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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