(केसरिया हिंदुस्तान तोरन कुमार कबीरधाम)
कवर्धा : कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बीरनपुर कला में बुधवार सुबह एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर दिया। जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए खेत की मेड़ पर लगाए गए विद्युत झटका तार (इलेक्ट्रिक फेंसिंग) की चपेट में आने से पिता और पुत्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश भी देखा जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसान गोकरण पटेल (55 वर्ष) अपने पुत्र परमेश पटेल (22 वर्ष) के साथ सुबह धान की बुआई के लिए खेत पहुंचे थे। खेत के चारों ओर जंगली जानवरों से फसल की सुरक्षा के लिए झटका तार लगाया गया था। लगातार बारिश के कारण खेत में पानी भर गया था, जिससे विद्युत प्रवाह और अधिक खतरनाक हो गया।
बताया जा रहा है कि काम के दौरान अचानक परमेश करंट की चपेट में आ गया। बेटे को तड़पता देख पिता गोकरण पटेल उसे बचाने के लिए दौड़े, लेकिन वे भी करंट की चपेट में आ गए। देखते ही देखते दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। खेत में मौजूद अन्य लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले यह हादसा हो चुका था।
घटना की सूचना मिलने पर सहसपुर लोहारा पुलिस मौके पर पहुंची। पंचनामा कार्रवाई के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि खेत में लगाए गए विद्युत झटका तार का कनेक्शन किस प्रकार लिया गया था।
पत्नी ने देखा तो उड़ गए होश
जानकारी के अनुसार, काफी देर तक पिता-पुत्र घर नहीं लौटे तो मृतक गोकरण पटेल की पत्नी भोजन लेकर खेत पहुंची। वहां दोनों को जमीन पर अचेत पड़ा देख वह चीख पड़ी। आसपास के किसान मौके पर पहुंचे और बिजली का प्रवाह बंद कराया, लेकिन तब तक दनों की मौत हो चुकी थी।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए अवैध रूप से झटका तार लगाने का चलन लगातार बढ़ रहा है। उनका दावा है कि बीते कुछ वर्षों में इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें ग्रामीणों, मवेशियों और वन्यजीवों की भी जान जा चुकी है। इसके बावजूद इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि अवैध विद्युत कनेक्शन और झटका तार लगाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही किसानों को सुरक्षित और वैकल्पिक उपायों की जानकारी दी जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति न हो।
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि फसलों की सुरक्षा के लिए अपनाए जा रहे खतरनाक और अवैध तरीके आखिर कब तक लोगों की जान लेते रहेंगे। प्रशासन, बिजली विभाग और संबंधित एजेंसियों की सक्रियता ही ऐसे हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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