स्वामी आत्मानंद स्कूल सहसपुर लोहारा में बदहाली: किताबें नदारद, पेयजल संकट, जर्जर भवन से छात्रों की जान पर खतरा

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(केसरिया हिंदुस्तान जिला ब्यूरो चीफ तोरन कुमार)

कवर्धा: प्रदेश सरकार ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 16 जून से कर दी, लेकिन सहसपुर लोहारा स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की स्थिति शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। सत्र शुरू होने के कई दिन बाद भी विद्यालय में छात्रों को दिक्कत का सामना करना पर रहा है वहीं पेयजल संकट, जर्जर भवन, टूटे शौचालय और साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था के बीच छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यार्थियों को अब तक आवश्यक पाठ्यपुस्तकें नहीं मिली हैं। किताबों के अभाव में बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षक भी बिना पुस्तकों के पाठ्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि सत्र शुरू होने के बाद भी बच्चों के हाथों में किताबें नहीं पहुंचना शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही है।
पेयजल संकट से जूझ रहे छात्र

विद्यालय में पीने के पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। स्थिति यह है कि छात्रों और शिक्षकों के लिए पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं है। जानकारी के अनुसार विद्यालय में पानी की व्यवस्था नगर पंचायत से टैंकर मंगाकर की जा रही है, जिससे रोजमर्रा की जरूरतें किसी तरह पूरी की जा रही हैं। भीषण गर्मी और उमस के बीच यह स्थिति बच्चों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।
जर्जर भवन बना हादसे का इंतजार
विद्यालय भवन की हालत भी बेहद चिंताजनक है। कई कक्षाओं की छत का प्लास्टर लगातार टूटकर गिर रहा है तथा दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई दे रही हैं। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। छात्र प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर इन्हीं कमरों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। यदि समय रहते भवन की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी भी दिन गंभीर दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
शौचालय की बदहाल व्यवस्था
विद्यालय परिसर में छात्रों के लिए बनाए गए शौचालय भी अपनी बदहाली की कहानी बयां कर रहे हैं। शौचालय का दरवाजा टूटा हुआ है, वॉश बेसिन क्षतिग्रस्त है, पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं है और नालियों में गंदगी फैली हुई है। स्वच्छता के अभाव में छात्र-छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अभिभावकों और स्थानीय लोगों की मांग
अभिभावकों एवं स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि विद्यालय में तत्काल पाठ्यपुस्तकों का वितरण कराया जाए, पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जर्जर भवन की मरम्मत कराई जाए तथा शौचालय और स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। उनका कहना है कि बच्चों का भविष्य किसी भी कीमत पर लापरवाही की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए।

Dainik kesariya Hindustan
Author: Dainik kesariya Hindustan

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