पिपरिया कॉलेज प्रशासन की लापरवाही से एलएलबी के सैकड़ों छात्रों का भविष्य दांव पर, एबीवीपी का फूटा गुस्सा

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केसरिया हिंदुस्तान नर्मदापुरम पिपरिया संवाददाता नरेन्द्र बाल्मीक

पिपरिया। शासकीय महाविद्यालय पिपरिया की मनमानी और लचर रवैये के चलते क्षेत्र के सैकड़ों छात्र एलएलबी की पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं। कॉलेज प्रशासन की उदासीनता के कारण वर्षों से चल रहा विधि पाठ्यक्रम बंद पड़ा है, जिससे गरीब और ग्रामीण छात्रों का वकील बनने का सपना चकनाचूर हो रहा है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शुक्रवार को कॉलेज प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्राचार्य को घेरा और उच्च शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। परिषद का आरोप है कि कॉलेज प्राचार्य और जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर एलएलबी कोर्स को दोबारा शुरू नहीं कर रहे।
प्रशासन को छात्रों की चिंता नहीं” – एबीवीपी
नगर मंत्री देवेंद्र साहू ने कॉलेज प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, “पिपरिया कॉलेज में पहले एलएलबी की क्लास चलती थी। छात्रों की संख्या भी पूरी थी। फिर अचानक कोर्स बंद कर दिया गया। प्राचार्य ने न तो शासन को सही रिपोर्ट भेजी, न ही कोर्स चालू रखने के लिए कोई प्रयास किया। इसकी सजा आज गांव के गरीब छात्र भुगत रहे हैं।”
साहू ने कहा कि एलएलबी बंद होने से छात्रों को भोपाल, होशंगाबाद, जबलपुर जैसे शहरों में 15-20 हजार महीना खर्च कर पढ़ना पड़ रहा है। मजदूर-किसान के बेटे इतना खर्च कहां से लाएं? कॉलेज प्रशासन की इसी लापरवाही से हर साल 200 से ज्यादा छात्र वकालत की पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हैं।
प्रांत कार्यकारिणी सदस्य किशन चौबे ने चेतावनी दी, “अगर 15 दिन में कॉलेज प्रशासन ने उच्च शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजकर एलएलबी शुरू कराने की प्रक्रिया नहीं की, तो एबीवीपी उग्र आंदोलन करेगी। प्राचार्य कक्ष का घेराव होगा। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।”

छात्रों में आक्रोश
ज्ञापन देने पहुंचे छात्र तीर्थ, आयुष, सौरभ, ललित पटेल एवं शिवराज पटेल ने कहा कि कॉलेज में स्टाफ और बिल्डिंग सब मौजूद है, फिर भी प्रशासन बहानेबाजी कर रहा है। “दूसरे कोर्स चल रहे हैं तो एलएलबी क्यों नहीं? क्या कानून की पढ़ाई जरूरी नहीं है? प्रशासन जवाब दे,” छात्रों ने नारेबाजी करते हुए कहा।
क्या है मांग
1. शासकीय महाविद्यालय पिपरिया में एलएलबी तीन वर्षीय पाठ्यक्रम तुरंत शुरू किया जाए।
2. बंद करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
3. जब तक कोर्स शुरू न हो, छात्रों को आने-जाने के लिए बस सुविधा दी जाए।

एबीवीपी ने साफ कहा है कि अगर कॉलेज प्रशासन ने अब भी नींद नहीं तोड़ी तो सड़क से लेकर मंत्रालय तक आंदोलन होगा।

Dainik kesariya Hindustan
Author: Dainik kesariya Hindustan

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