अजरबैजान भेजने का झांसा देकर हड़पे लाखों रुपए, मांगने पर दी जान से मारने की धमकी
दिनेश कुमार
दैनिक केसरिया हिंदुस्तान।
सिंदुरिया/महराजगंज । विदेश जाकर रोजी-रोटी कमाने और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का सपना देखने वाले एक गरीब मजदूर के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ठगी के शिकार पीड़ित ने जब स्थानीय पुलिस से गुहार लगाई और कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उसने न्यायालय की शरण ली। अब सिविल जज (प्रवर खंड)/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, महराजगंज के आदेश पर सिन्दुरिया थाने में आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिन्दुरिया थाना क्षेत्र के मुजहना बुजुर्ग निवासी विजय कुमार पुत्र दयासागर एक बेहद गरीब मजदूर हैं। वे अपनी रोजी-रोटी के सिलसिले में विदेश (अजरबैजान) जाना चाहते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात कोठीभार थाना क्षेत्र के मौजा नहछोरी निवासी अतिउल्लाह पुत्र स्वर्गीय खलील से हुई।
अतिउल्लाह ने खुद को विदेश भेजने का काम करने वाला एजेंट बताया और विजय कुमार को विश्वास में ले लिया कि वह उसे तीन-चार अन्य लोगों के साथ अजरबैजान देश भिजवा देगा। विदेश भेजने का कुल खर्च ₹1,75,000 तय हुआ, जिसके संबंध में दोनों पक्षों के बीच ₹ 20 के स्टैंप पेपर पर एक याददाश्तनामा (समझौता) भी लिखा गया था।
आरोपी अतिउल्लाह के झांसे में आकर पीड़ित विजय कुमार ने अलग-अलग तारीखों में भारी-भरकम रकम आरोपी को सौंप दी।एफआईआर के अनुसार
24.08.2024 को ₹19,500 (मोबाइल के जरिए),दिनाँक 09.11.2025 ₹2,500, 11.11.2025 ₹50,000,
15.11.2025 ₹63,000 और ₹1,000 तथा दिनाँक 29.11.2025 ₹39,999
इसके अलावा, आरोपी ने मेडिकल, पासपोर्ट और वीजा प्रक्रिया के नाम पर ₹25,000 अतिरिक्त ऐंठ लिए। इस तरह कुल मिलाकर करीब ₹2,00,000 ठगने और पीड़ित के सभी जरूरी कागजात अपने पास रख लेने के बावजूद आरोपी ने विजय कुमार को विदेश नहीं भेजा और लगातार बहाने बनाता रहा।
जब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ, तो उसने 1 अप्रैल 2026 को आरोपी अतिउल्लाह से अपने पैसे और कागजात वापस मांगे। इस पर आरोपी ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया आरोप है कि एजेंट ने पीड़ित को भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। आरोपी ने प्रभावशाली होने का धौंस दिखाते हुए कहा कि “मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।”
आरोप है कि पीड़ित विजय कुमार ने पहले सिन्दुरिया थाने और बाद में पंजीकृत डाक के जरिए पुलिस अधीक्षक (SP) महराजगंज को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। लेकिन, पुलिस स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण पीड़ित ने धारा 173(4) बी.एन.एस.एस. (BNSS) के तहत न्यायालय में गुहार लगाई।
मामले की गंभीरता और सबूतों को देखते हुए न्यायाधीश देवेन्द्र प्रताप सिंह(सिविल जज, प्रवर खंड/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, महराजगंज) ने सिन्दुरिया थाना प्रभारी को तत्काल सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) पंजीकृत कर नियमानुसार निष्पक्ष विवेचना करने का कड़ा आदेश जारी किया है। कोर्ट के कड़े रुख के बाद पुलिस अब मामले की तफ्तीश में जुट गई है।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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