अल्ट्राटेक सीमेंट पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, जहरीली गैस, जर्जर सड़क और ओवरलोड वाहनों से त्रस्त ग्रामीणों ने कचरा गाड़ियों को रोका

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दैनिक केसरिया हिंदुस्तान/संवाददाता धीरेंद्र कुमार जायसवाल/9131419735

बलौदाबाजार। जिले के अल्ट्राटेक सीमेंट ग्रासीम विहार रावन से जुड़े ग्राम पंचायत चुंचरुंगपुर सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों में कंपनी प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा दूसरे राज्यों से कचरा लाकर प्लांट में डंप किया जा रहा है, जिससे निकलने वाली जहरीली गैस हवा के साथ पूरे गांव में फैल रही है। इससे ग्रामीणों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है और गंभीर बीमारियों का खतरा बना हुआ है। इसी विरोध में ग्रामीणों ने बाहरी राज्यों से आने वाली कचरा गाड़ियों और ओवरलोड वाहनों को रोक दिया। ग्रामीणों का कहना है कि चुंचरुंगपुर, छिराही, सरेनी और गुमा गांव अल्ट्राटेक प्लांट के आश्रित गांव हैं और यहां के लोग लंबे समय से प्रदूषण और अव्यवस्थाओं का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार महाराष्ट्र, कोलकाता, नागपुर और उड़ीसा जैसे राज्यों से कचरा लाकर प्लांट में डाला जा रहा है, जिससे प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। इसके अलावा चुंचरुंगपुर से प्लांट गेट तक करीब तीन किलोमीटर सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जगह-जगह गड्ढे हैं और धूल-धक्कड़ से हालात बदतर हैं। यह सड़क केवल 8 से 10 टन क्षमता की है, जबकि कंपनी की 40 से 50 टन तक की ओवरलोड गाड़ियां लगातार चल रही हैं, जिससे सड़क और अधिक खराब हो चुकी है। इस कारण स्कूली बच्चों, ग्रामीणों और मजदूरों के लिए आवागमन खतरनाक हो गया है और आए दिन लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार कलेक्टर और कंपनी प्रबंधन को आवेदन दिया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। छिराही के सरपंच प्रतिनिधि लिलेंद साहू ने बताया कि बार-बार शिकायत के बावजूद प्रशासन और कंपनी ध्यान नहीं दे रहे हैं। सरेनी के सरपंच टिकेश्वर देवांगन ने कहा कि पिछले दो-तीन वर्षों से जहरीली गैस के कारण ग्रामीण परेशान हैं और यह सीधा शोषण है। शिवसेना प्रदेश सचिव मनहरण लाल साहू ने कहा कि ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। वहीं युवा कांग्रेस नेता लिलाधर यादव ने आरोप लगाया कि हर बार सिर्फ आश्वासन दिया जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं होती। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कलेक्टर कार्यालय में आवेदन देकर उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में किसी भी प्रकार की घटना के लिए प्रशासन और कंपनी प्रबंधन जिम्मेदार होंगे। इस दौरान उमाशंकर वर्मा, वासु वर्मा, गोपाल चतुर्वेदी, अभिषेक दिवाकर, बीटानिया वर्मा, गुहत राम यादव, चंद्रिका ध्रुव, पिंटू महाराज, भूवन वर्मा, देवा वर्मा, रोहित सोनवानी, राजेश घृतलहरे, रामलाल सोनवानी, दयालु सोनवानी, कांशी राम वर्मा, मोहनलाल वर्मा सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

(नोट: खबर ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है, कंपनी प्रबंधन या प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर इसे अपडेट किया जाएगा।)

Dainik kesariya Hindustan
Author: Dainik kesariya Hindustan

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