दैनिक केसरिया हिंदुस्तान
जिला व्यूरो,नीरज बिदुआ
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की प्रशंसा, गौपालन को बताया प्रेरणादायक मॉडल
बरेली। ब्रह्मलीन बड़े गुरुजी की तपोस्थली शिव बापौली धाम, जो विन्ध्याचल पर्वत की तलहटी में स्थित संपूर्ण नर्मदा क्षेत्र का सिद्ध-प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, रायसेन में आयोजित तीन दिवसीय कृषि एवं किसान मेले में विशेष चर्चा का विषय बना रहा। बापौली धाम की गौशाला से लाई गई सजी-धजी गाय और नंदी मेले में किसानों और पशुपालकों के बीच आकर्षण का केंद्र बने रहे। बापौली धाम में जम्मू वाले लाल बाबा जी पिछले एक दशक से अधिक समय से मौन व्रत धारण कर तपस्या में लीन हैं। उनके मार्गदर्शन में यहां संस्कृत पाठशाला और सर्व-सुविधायुक्त गौशाला का सफल संचालन वर्षों से किया जा रहा है। गौशाला में मुख्य रूप से गिर नस्ल की गायों का पालन किया जाता है, जिनकी देखरेख के लिए आधुनिक सुविधाएं जैसे कूलर आदि भी लगाए गए हैं। मेले के दौरान प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बापौली धाम से लाई गई गाय और नंदी का अवलोकन किया और उनकी विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने पशुपालकों से इस प्रकार गौवंश की सेवा और संरक्षण करने का आग्रह करते हुए कहा कि यह नंदी महाराज बापौली धाम से आए हैं, जिन्हें लाल बाबा जी ने भेजा है। मेले में बापौली धाम की सहभागिता ने न केवल श्रद्धालुओं बल्कि किसानों को भी पारंपरिक गौपालन और आधुनिक सुविधाओं के समन्वय का संदेश दिया।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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