संस्कृति विवि में 21 दिन दिया साफ्ट स्किल्स और तकनीकी प्रशिक्षण

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दैनिक केसरिया हिन्दुस्तान/नीरज चतुर्वेदी
मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय में सॉफ्ट स्किल्स और तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए 21-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका आयोजन आईटीसी एकादमी(भारत सरकार की एक पहल) द्वारा रेडिंगटन फाउंडेशन के सहयोग से किया गया था। कार्यक्रम को दो हिस्सों में बांटा गया था, छह दिवसीय सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षण, जिसके बाद आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी में 15-दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।
शुरुआती छह दिनों में आवश्यक पारस्परिक कौशल विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रतिभागियों को प्रभावी संचार जिसमें मौखिक और गैर-मौखिक तकनीकें, सक्रिय श्रवण और आत्मविश्वास निर्माण, का प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यक्रम में समय प्रबंधन की रणनीतियाँ, कार्यों को प्राथमिकता देने के तरीके और पेशेवर शिष्टाचार जैसे ईमेल और कार्यस्थल पर व्यवहार को भी शामिल किया गया। सॉफ्ट स्किल्स के अंतिम सत्र में इंटरैक्टिव गतिविधियों और भूमिका-निभाने वाले अभ्यासों के माध्यम से नेतृत्व गुणों, टीम वर्क, निर्णय लेने की क्षमता और समस्या-समाधान पर विशेष ज़ोर दिया गया।
तकनीकी प्रशिक्षण सातवें दिन से शुरू हुआ और इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मूल सिद्धांतों का गहन ज्ञान प्रदान किया गया। प्रतिभागियों को डेटा हैंडलिंग, एल्गोरिदम का उपयोग करके समस्या-समाधान और एआई अनुप्रयोगों के लिए बुनियादी प्रोग्रामिंग जैसी मुख्य अवधारणाओं से परिचित कराया गया। सत्रों में आगे चलकर डेटा प्री-प्रोसेसिंग, फीचर एक्सट्रैक्शन और डेटासेट के साथ काम करने जैसे विषयों को शामिल किया गया। आगे के मॉड्यूल्स में मशीन लर्निंग की अवधारणाओं को शामिल किया गया, जिसमें सुपरवाइज्ड और अनसुपरवाइज्ड लर्निंग तकनीकें, मॉडल प्रशिक्षण और मूल्यांकन शामिल थे। प्रतिभागियों को एआई विकास के लिए आमतौर पर उपयोग किए जाने वाले टूल्स और लाइब्रेरियों से परिचित होने का अवसर मिला और उन्होंने सरल प्रेडिक्टिव मॉडल बनाना सीखा। इस प्रशिक्षण में वास्तविक दुनिया के एआई अनुप्रयोगों जैसे डेटा विश्लेषण, स्वचालन और बुद्धिमान निर्णय लेने वाली प्रणालियों से भी परिचय कराया गया। उन्नत सत्रों में एपीआईएस और जेएसओएन जैसे डेटा प्रारूपों के साथ काम करना शामिल था, जिससे प्रतिभागियों को बाहरी डेटा स्रोतों को एआई आधारित अनुप्रयोगों में एकीकृत करने में सक्षम बनाया गया। प्रतिभागियों ने एआई मॉडल परिनियोजन की मूल बातें और व्यावहारिक कार्यान्वयन रणनीतियों का भी अन्वेषण किया। अंतिम दो दिन प्रोजेक्ट विकास और प्रस्तुति के लिए समर्पित थे, जहाँ प्रतिभागियों ने वास्तविक दुनिया की समस्याओं के लिए एआई आधारित समाधान विकसित करने हेतु अपने सीखे हुए ज्ञान को लागू किया। प्रत्येक प्रतिभागी ने अपने प्रोजेक्ट की प्रस्तुति दी और ट्रेनर से रचनात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त की। कुल मिलाकर, इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को ।प् में तकनीकी विशेषज्ञता और आवश्यक पेशेवर कौशलों के संतुलित मेल से सफलतापूर्वक सुसज्जित किया। इसने उनकी विश्लेषणात्मक सोच, समस्या-समाधान क्षमताओं और आधुनिक उद्योग की मांगों को पूरा करने की तत्परता को बढ़ाया, जिससे उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भविष्य के अवसरों के लिए तैयार किया जा सका। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संस्कृति स्कूल आफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. पंकज कुमार गोस्वामी के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। इसका समन्वय विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) गरिमा गोस्वामी ने मेंटर्स सौरभ तिवारी और बिक्रम रॉय के साथ मिलकर किया। सत्रों का संचालन आरएस शर्मा (सॉफ्ट स्किल्स ट्रेनर) और विजय शर्मा (तकनीकी ट्रेनर) द्वारा किया गया।

Dainik kesariya Hindustan
Author: Dainik kesariya Hindustan

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