दैनिक केसरिया हिन्दुस्तान/नीरज चतुर्वेदी
मथुरा। वृंदावन शुक्रवार को हुए भीषण मोटरबोट हादसे के चौथे दिन सोमवार सुबह रेस्क्यू टीम को एक युवती और एक युवक की लाश मिली, जिसके बाद इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों का आधिकारिक आंकड़ा 15 तक पहुंच गया है। प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें अभी भी एक लापता श्रद्धालु की तलाश में जुटी हैं।
सोमवार सुबह यमुना नदी में दो शव तैरते हुए दिखाई दिए। इनमें से एक महिला का शव मथुरा के बंगाली घाट क्षेत्र में, जबकि एक युवक का शव देवराहा बाबा घाट के पास मिला। प्रशासनिक टीम ने शवों को बाहर निकालकर पहचान कराई और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना स्थल से करीब 12 किलोमीटर दूर मथुरा के बंगाली घाट के पास एक महिला का शव तैरता हुआ जिसकी लुधियाना की मोनिका टंडन (25) पत्नी सत्यपाल के रूप में शिनाख्त हुयी। वहीं देवराहा बाबा घाट के पास एक युवक की लाश बरामद हुई, जो लुधियाना ही यश भल्ला (20) पुत्र राकेश भल्ला की थी। पुलिस के अनुसार, कई दिनों तक पानी में रहने के कारण शव फूलकर ऊपर आ गए थे, जिन्हें रस्सियों के सहारे किनारे लाया गया।
06 महीने पहले हुयी थी मोनिका टंडन की शादी
आज मथुरा में जो शव बहकर आया वह लुधियाना दुगरी की मोनिका टंडन का था। मोनिका की कहानी अत्यंत हृदयविदारक है। मृतका अपनी सास के साथ वृंदावन दर्शन के लिए आई थीं। बताया जा रहा है कि उनकी शादी करीब छह महीने पहले ही हुई थी और पति विदेश में कार्यरत हैं। मोनिका जल्द ही विदेश जाने की तैयारी में थीं, लेकिन इससे पहले ही हादसे का शिकार हो गई। वह अपनी सास सविता के साथ बांके बिहारी के दर्शन करने आई थी, लेकिन नाव के पलटते ही खुशियां मातम में बदल गई। हादसे के दिन वह नाव में पड़ोसी महिला डिंकी के साथ बैठी थी। डिंकी की लाश रविवार बरामद हुई थी।
ढोलक की थाप के साथ थम गई यश की सांसें
वृंदावन देवराहा बाबा आश्रम के पास मिले युवक की पहचान लुधियाना के ही यश भल्ला (22) के रूप में हुई है। हादसे से ठीक पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो अब इस घटना की दर्दनाक याद बन गया है। वीडियो में यश नाव पर बड़े उत्साह के साथ ढोलक बजाते हुए भक्ति गीतों में लीन दिख रहे हैं। यश पहली बार वृंदावन आए थे और अपनी मां से वादा करके गए थे कि अगली बार उन्हें भी साथ लेकर आएंगे। यश धार्मिक कार्यक्रमों में ढोलक बजाते थे। यश के बड़े भाई अकाउंटेंट है। मां सुनीता हाउस वाइफ हैं। पिता कपड़े बेचते है। लुधियाना के जस्सियां रोड के रहने वाला यश भल्ला की मां सुनीता ने बताया कि यश 01 महीने से वृंदावन जाने के लिये खुश था।
पंकज अब भी लापता
जलालाबाद निवासी पंकज मल्होत्रा (40) हादसे के बाद से अभी भी लापता हैं। वह परिवार के एकमात्र कमाने वाले थे और अपने रिश्तेदारों के साथ तीर्थ यात्रा पर आए थे। सर्च टीम लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई है। पंकज के परिवार की स्थिति बेहद भावुक करने वाली है। हिमाचल में एक स्टील कंपनी में कार्यरत पंकज दो बहनों के इकलौते भाई हैं। घर पर उनकी पत्नी, 8 साल का बेटा और 3 साल की बेटी के आंसू थम नहीं रहे हैं। रेस्क्यू टीम लगातार उनकी तलाश में यमुना के चप्पे-चप्पे को खंगाल रही है। पंकज अपने रिश्तेदारों के साथ तीर्थ यात्रा पर वृंदावन आये थे।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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