(केसरिया हिंदुस्तान संवाददाता कवर्धा )
कवर्धा। नगर पालिका परिषद कवर्धा द्वारा निर्माणाधीन चौपाटी का कार्य इन दिनों अपनी धीमी गति और पारदर्शिता को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। नगर पालिका कार्यालय के ठीक सामने निर्माण कार्य होने के बावजूद इसकी रफ्तार ‘कछुआ चाल’ से चल रही है। वहीं निर्माण स्थल पर अब तक नागरिक सूचना पटल नहीं लगाए जाने से लोगों में सवाल उठने लगे हैं।
सरकारी निर्माण कार्यों में सूचना पटल लगाया जाना आवश्यक माना जाता है, ताकि आम नागरिकों को निर्माण लागत, स्वीकृत राशि, कार्यदायी एजेंसी, ठेकेदार, निर्माण अवधि तथा संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की जानकारी मिल सके। लेकिन निर्माण स्थल पर सूचना पटल नहीं होने से यह जानकारी पूरी तरह लोगों की पहुंच से बाहर है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब नगर पालिका परिषद कार्यालय के सामने ही नियमों का पालन नहीं हो रहा है, तो शहर के अन्य निर्माण कार्यों में पारदर्शिता की स्थिति क्या होगी, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। लोगों का यह भी कहना है कि निर्माण कार्य पहले से ही बेहद धीमी गति से चल रहा है और सूचना पटल का अभाव संदेह को और बढ़ा रहा है।
नागरिकों का आरोप है कि सूचना पटल नहीं होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि निर्माण की लागत कितनी है, कार्य किस एजेंसी द्वारा कराया जा रहा है तथा इसकी निगरानी किस अधिकारी के जिम्मे है। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और खर्च को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है।
अब लोगों की मांग है कि नगर पालिका परिषद तत्काल निर्माण स्थल पर नागरिक सूचना पटल लगाए, निर्माण कार्य में तेजी लाए तथा सभी आवश्यक जानकारियां सार्वजनिक करे, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और जनता के मन में उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नगर पालिका परिषद का कार्यालय कुछ ही कदम की दूरी पर है, तब भी सूचना पटल क्यों नहीं लगाया गया? आखिर जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान क्यों नहीं दे रहे? क्या यह केवल लापरवाही है या फिर नियमों की अनदेखी? इन सवालों के जवाब का इंतजार शहरवासियों को है।
Author: Dainik kesariya Hindustan
सिर्फ खबरों से संबंधित ही संपर्क करें सम्पादक अशोक सोनी 9009601101 जुड़ने के लिए सम्पर्क करे प्रबंधक उजाला 8602385387 खबरों के लिए सम्पर्क करे दीपेश माहौर 8463846949







