जनकल्याणकारी योजनाओं पर सवाल,तीन साल से पेंशन के लिए भटक रही आदिवासी महिला सरकारी योजनाओं से वंचित 69 वर्षीयआदिवासी महिला, प्रशासन से न्याय की आस

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रामप्रकाश उपाध्याय ब्यूरो प्रमुख सिंगरौली दैनिक केसरिया हिंदुस्तान

सिंगरौली|मिली जानकारी के मुताबिक जिले के जनपद पंचायत देवसर अंतर्गत ग्राम पंचायत गन्नई में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। गांव की 69 वर्षीय आदिवासी विधवा नानबाई अगरिया का आरोप है कि वह पिछले तीन वर्षों से विधवा पेंशन के लिए पंचायत कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन आज तक उनका नाम पेंशन सूची में शामिल नहीं किया गया।
पीड़ित महिला का कहना है कि उन्होंने कई बार पंचायत में आवेदन देकर अपनी समस्या बताई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। इसके बावजूद उन्हें विधवा पेंशन का लाभ नहीं मिल सका। आर्थिक रूप से कमजोर नानबाई आज भी कच्चे खपरैल के मकान में रहने को विवश हैं और जीवन-यापन के लिए संघर्ष कर रही हैं।

परिजनों का आरोप है कि पात्र होने के बावजूद महिला को शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी समय पर नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते पेंशन स्वीकृत हो जाती, तो बुजुर्ग महिला को आर्थिक सहायता मिल सकती थी।यह मामला शासन के उन दावों पर भी सवाल खड़ा करता है, जिनमें पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की बात कही जाती है। अब स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर पात्रता के अनुसार शीघ्र विधवा पेंशन स्वीकृत कराने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

5 बच्चों के साथ मां, राशन सिर्फ 5 किलो

नानाबाई ने कहा की हम और हमारे पांच बेटे है जो हमारे साथ रहते है। हमे खाद्यान सिर्फ 5 किलोग्राम ही मिल रहा है, जबकि पहले मिलता था पर अब नही मिल रहा है हमको पता नही कहां से कटा है। जिला प्रशासन से मांग की है हमारे बच्चों का खाद्यान दिलाई जाय।

Dainik kesariya Hindustan
Author: Dainik kesariya Hindustan

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