डॉ संजय जोशी, केसरिया हिंदुस्तान
बेंगलूरु। दक्षिण पश्चिम रेलवे की जोनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी (जेडआरयूसीसी) के सदस्य महेंद्र एच. सिंघी ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजकर मैसूर–उदयपुर हमसफ़र एक्सप्रेस अथवा बेंगलूरु–जोधपुर एक्सप्रेस का नाम “महाराणा प्रताप एक्सप्रेस” रखने की मांग की है।
सिंघी ने अपने पत्र में कहा कि यह रेल सेवा कर्नाटक सहित दक्षिण भारत को राजस्थान से जोड़ती है, जो वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की गौरवशाली कर्मभूमि है। ऐसे में उनके नाम पर ट्रेन का नामकरण देश के महान राष्ट्रनायक के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी तथा दक्षिण भारत और राजस्थान के बीच सांस्कृतिक एवं भावनात्मक संबंधों को और अधिक मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल ने समय-समय पर अनेक महान विभूतियों के सम्मान में रेलगाड़ियों का नामकरण किया है। कर्नाटक की वीरांगना रानी चेन्नम्मा के सम्मान में संचालित रानी चेन्नम्मा एक्सप्रेस इसका उदाहरण है। इसी भावना के अनुरूप महाराणा प्रताप के अद्वितीय योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाना चाहिए। पत्र में सिंघी ने यह भी उल्लेख किया कि महाराणा प्रताप ने जीवनभर विदेशी सत्ता के समक्ष कभी आत्मसमर्पण नहीं किया और मेवाड़ की स्वतंत्रता, स्वाभिमान तथा राष्ट्र गौरव की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष किया। वर्ष 1576 के ऐतिहासिक हल्दीघाटी युद्ध में उनका अदम्य साहस, विपरीत परिस्थितियों में त्यागपूर्ण जीवन और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण आज भी देशवासियों, विशेषकर युवाओं, के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि “महाराणा प्रताप एक्सप्रेस” नामकरण से देश के महान योद्धा को उचित सम्मान मिलेगा, कर्नाटक और राजस्थान के बीच राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता को नई मजबूती मिलेगी तथा यात्रियों में राष्ट्रभक्ति, साहस और त्याग जैसे आदर्शों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। सिंघी ने रेल मंत्री से इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करते हुए शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि यह निर्णय भारतीय इतिहास के एक अमर नायक के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक होगा।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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