पिता का संघर्ष हमारी सांस है: स्व. सुभाष यादव की 13वीं पुण्यतिथि पर बोरावां में उमड़ा जनसैलाब अरुण यादव और सचिन यादव ने किया पितृ पूजन, सहकारी आंदोलन को पुनर्स्थापित करने का लिया संकल्प

SHARE:

सोहेल अली खरगोन दैनिक केसरिया हिन्दुस्तान समाचार पत्र
कसरावद। मध्यप्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं किसानों के मसीहा कहे जाने वाले स्वर्गीय सुभाष यादव की 13वीं पुण्यतिथि शुक्रवार को उनके गृहग्राम बोरावां में श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं के साथ मनाई गई। भक्ति दिवस के रूप में आयोजित इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों, कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की पूर्व केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री अरुण यादव और पूर्व कृषि मंत्री एवं कसरावद विधायक सचिन यादव ने अपने पिता स्व. सुभाष यादव की प्रतिमा पर पितृ पूजन कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। प्रार्थना सभा में भक्ति गीतों और भजनों की प्रस्तुति से पूरा वातावरण भावुक हो उठा कार्यक्रम में दमयंती यादव, डॉ. नम्रता यादव, विनिता यादव, राजेंद्र यादव, भगवानपुरा विधायक केदारसिंह डाबर, सेंधवा विधायक मोंटू सोलंकी, खरगोन लोकसभा के कांग्रेस प्रत्याशी पोरलाल खरते सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और निमाड़ अंचल के प्रशंसक एवं समर्थक मौजूद रहे। सभी ने मंडी प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में स्व. सुभाष यादव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया
*”निमाड़वासियों की आत्मा थे सुभाष यादव” : अरुण यादव*
श्रद्धांजलि सभा के दौरान भावुक हुए पूर्व केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री अरुण यादव ने कहा कि स्व. सुभाष यादव केवल उनके पिता ही नहीं, बल्कि किसानों, गरीबों और पूरे निमाड़ की आत्मा थे। उन्होंने कहा कि उनके पिता हमेशा कहते थे कि किसान की प्रगति के बिना देश की प्रगति संभव नहीं है। आज 13 वर्ष बाद भी उनका संघर्ष और विचार समाज को मार्गदर्शन दे रहे हैं।
*सहकारी आंदोलन को पुनः मजबूत करने का संकल्प*
मीडिया से चर्चा करते हुए अरुण यादव ने कहा कि स्व. सुभाष यादव ने सहकारी आंदोलन के माध्यम से किसानों, गरीबों और वंचितों के विकास की मजबूत नींव रखी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकारों ने सहकारी संस्थाओं और कृषि उपज मंडियों को कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सहकारी आंदोलन को पुनः स्थापित करने के लिए प्रयास करेगी
पिताजी के संघर्ष की विरासत को आगे बढ़ाएंगे” : सचिन यादव
पूर्व कृषि मंत्री एवं विधायक सचिन यादव ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि स्व. सुभाष यादव भले ही आज उनके बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी सोच और संघर्ष की विरासत आज भी निमाड़ की मिट्टी में जीवित है। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने उन्हें सिखाया कि राजनीति सत्ता के लिए नहीं, बल्कि किसानों और आमजन की सेवा के लिए होती है। उन्होंने किसानों और गरीबों के संघर्ष की इस विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया इससे पूर्व अरुण यादव, सचिन यादव, दमयंती यादव एवं परिवारजनों ने अपने निवास पर मातृ एवं पितृ पूजन किया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए त्रिवेणी का रोपण भी किया। बोरावां में आयोजित इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ ने स्व. सुभाष यादव के प्रति जनमानस की आस्था और सम्मान को एक बार फिर प्रदर्शित किया।

Dainik kesariya Hindustan
Author: Dainik kesariya Hindustan

सिर्फ खबरों से संबंधित ही संपर्क करें सम्पादक अशोक सोनी 9009601101 जुड़ने के लिए सम्पर्क करे प्रबंधक उजाला 8602385387 खबरों के लिए सम्पर्क करे दीपेश माहौर 8463846949

Leave a Comment