दैनिक केसरिया हिंदुस्तान ब्यूरो
बांदा। जहां एक ओर अवैध खनन से जनपद का पारा पूरे विश्व में तीसरे स्थान पर है और लोगों का जीना दुश्वार हो रहा है वहीं जनपद के पैलानी क्षेत्र अंतर्गत खप्टिहा कला गांव से निकली केन नदी में संचालित बालू खदान की हाल ही में कई फोटो विडिओ सोशल मीडिया में वायरल होने के बावजूद कोई भी कारवाई नहीं होने से खनन माफियाओं के हौसले इतने ज्यादा बुलंद हो चुके की उनको प्रशासन की कारवाई का बिल्कुल भी खौफ नहीं है ग्रामीणों का आरोप है कि तक्को सह के चलते दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे तक बेखौफ होकर अवैध खनन करते हैं स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र के कई गांवों में सूर्यास्त होते ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की धज्जियाँ उड़ा कर अवैध खनन होने लगता है सूत्रों के अनुसार भारी भरकम पोकलैंड और जेसीबी मशीनें नदी की जलधारा में रात भर गरजती रहती हैं भारी भरकम डंपरों की आवाजाही से न केवल राजस्व को भारी चपत लग रही है बल्कि पर्यावरण और ग्रामीण सड़कों का भी बुरा हाल है ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि बार बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं क्या प्रशासन इन सफेद पोश माफियाओं और बिकाऊ तंत्र पर लगाम कसेगा या बुंदेलखंड की प्यास बुझाने वाली नदियां इसी तरह खनन माफियाओं की बंधक बनकर लुटती रहेगीं या फिर प्रशासन कारवाई करने में रहेगा सफल l
Author: Dainik kesariya Hindustan
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