दैनिक केसरिया हिन्दुस्तान/नीरज चतुर्वेदी
मथुरा। फेडरेशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसायटीज़ ऑफ इंडिया (एफओजीएसआई) द्वारा देश में मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए चलाए जा रहे ‘प्रोजेक्ट अधुना’ के अंतर्गत मथुरा में एक विशेष सीपीडी 2.0 सत्र का आयोजन किया गया। मथुरा के एक निजी होटल में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्री-मैच्योर (समय से पहले जनमे) शिशुओं की निरंतर और समग्र देखभाल, रोकथाम और उनका बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
इस सत्र में डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिक्स के लिए अद्यतन क्लिनिकल मार्गदर्शन, प्रायोगिक ड्रिल्स और संचार-केंद्रित मॉड्यूल शामिल किए गए, ताकि निजी स्वास्थ्य सुविधाओं में इस सीख को तुरंत व्यवहार में लाया जा सके। प्रोजेक्ट अधुना के लिए देश भर में चयनित 29 जिलों में मथुरा भी शामिल है। कार्यक्रम का नेतृत्व फॉग्सी (एफओजीएसआई) 2026 के प्रेसिडेंट डॉ. भास्कर पाल और प्रोजेक्ट डायरेक्टर व पास्ट प्रेसिडेंट डॉ. जयदीप टैंक ने किया।
यह सत्र मथुरा ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी की अध्यक्ष डॉ. अंजू गुप्ता व सचिव डॉ. प्रीति लालवानी के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इसमें इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) मथुरा चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. विपुल गोयल और सेक्रेटरी डॉ. पंकज जैन ने विशेष सहयोग दिया। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में डॉ. एन.सी. प्रजापति, डॉ. पी.के. गुप्ता, डॉ. हर्षिता सिंघल, ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटेजीज के वाइस प्रेसिडेंट अनुज घोष सहित भारी संख्या में वरिष्ठ बाल रोग, प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ और स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे। अंत में डॉ. अंजू गुप्ता ने सभी आगंतुक चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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