दैनिक केसरिया हिन्दुस्तान/नीरज चतुर्वेदी
मथुरा। यूपी-112 में तैनात पीआरवी कर्मियों की कार्य कुशलता व व्यवहार सुधारने के लिए शुक्रवार सुबह रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में सम्मेलन आयोजित किया गया। अध्यक्षता अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण व नोडल अधिकारी यूपी-112 सुरेश चंद्र रावत ने की।
जनपद में 66 चार पहिया और 21 दोपहिया सहित कुल 87 पीआरवी वाहन संचालित हैं। सम्मेलन में रिस्पांस टाइम, जनता का फीडबैक, रात्रि चेकिंग, थाना पुलिस से समन्वय, टर्नआउट, जोनल चेकिंग, इवेंट रजिस्टर व पीटीजेड-बॉडी वॉर्न कैमरा के प्रयोग पर चर्चा हुई।
सम्मेलन में प्रभारी निरीक्षक यूपी-112 देव पाल पुंडीर, उ0नि0 एमटी नीतू सिंह समेत सभी पीआरवी कर्मी मौजूद रहे। ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने ऑनलाइन लिंक से प्रतिभाग किया। कर्मियों ने सुझाव दिया कि लक्ष्मी नगर यमुना पुल पर गोकुल बैराज की तरह जाली लगाई जाए, ताकि आत्महत्या की घटनाएं रुकें। यमुना किनारे की पीआरवी पर लाइफ जैकेट, रस्सा व रिंग उपलब्ध कराने, कोसी-छाता रोड पर हाईवे के अनावश्यक कट बंद करने और भूसा-ईंट के ट्रैक्टर रात 11 से सुबह 5 बजे तक ही चलाने की अनुमति देने की मांग की गई। एएसपी ग्रामीण ने कहा कि सभी बिंदुओं पर संबंधित विभागों से पत्राचार किया जाएगा। नदी किनारे की पीआरवी को रेस्क्यू उपकरण दिए जाएंगे। भूसा-ईंट के ट्रैक्टर रात 11 से सुबह 5 बजे तक ही चलेंगे। सभी कर्मियों को जनता से बातचीत में बॉडी वॉर्न कैमरा लगाने और मृदुल भाषा प्रयोग के निर्देश दिए गए। हाईवे पर तैनात पीआरवी को पीटीजेड कैमरा रिकॉर्डिंग ऑन रखने को कहा गया। एएसपी ने बताया कि वर्तमान में 93ः कॉलर पीआरवी के व्यवहार से संतुष्ट हैं, इसे 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। मथुरा का रिस्पांस टाइम 5 मिनट है, जिससे जिला प्रदेश के शीर्ष 5 जिलों में है। इसे बरकरार रखने के निर्देश दिए गए।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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