दैनिक केसरिया हिंदुस्तान जिला सिवनी
अमृत सरोवर और नवीन तालाब योजना बनी भ्रष्टाचार का अड्डा 2 साल बाद भी अधूरे पड़े निर्माण ग्रामीणों में भारी आक्रोश
सिवनी। जिले में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के अंतर्गत स्वीकृत 118 नवीन तालाब और 20 अमृत सरोवर निर्माण कार्यों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है कलेक्टर को सौंपे गए शिकायत पत्र में प्रभारी कार्यपालन यंत्री उपेंद्र मिश्रा पर गंभीर अनियमितता तकनीकी लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं शिकायत में दावा किया गया है कि करोड़ों रुपए की लागत से स्वीकृत अधिकांश तालाब आज भी अधूरे पड़े हैं जबकि कई स्थानों पर निर्माण गुणवत्ता विहीन बताया जा रहा है
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि तालाब निर्माण में तकनीकी मानकों की खुलेआम अनदेखी की गई पडल कार्य में काली मिट्टी का उपयोग नहीं किया गया कॉम्पेक्शन नहीं हुआ फिल्टर सिस्टम नहीं लगाया गया और बिना उचित लेवल सर्वे के डीपीआर तैयार कर दी गई इससे भविष्य में तालाबों से पानी रिसाव और बंड टूटने जैसी गंभीर स्थिति बनने की आशंका जताई गई है सबसे बड़ा आरोप यह है कि योजनाओं के प्राक्कलन में 40 प्रतिशत तक लागत बढ़ाकर शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया शिकायत में यह भी कहा गया कि एक वर्ष से भुगतान लंबित हैं और कथित कमीशनखोरी के कारण निर्माण कार्य बाधित हो गए हैं इससे सरकार की योजनाएं जमीन पर दम तोड़ती नजर आ रही हैं शिकायत में तत्कालीन अधिकारियों द्वारा दी गई स्वीकृतियों का भी उल्लेख करते हुए वर्तमान व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं कलेक्टर से मांग की गई है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी और प्रशासनिक जांच कराई जाए तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही प्रभारी कार्यपालन यंत्री को तत्काल पद से हटाने की मांग भी जोर पकड़ रही है
अब बड़ा सवाल यही है कि आखिर करोड़ों की योजनाओं का जिम्मेदार कौन क्या प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करेगा या फिर फाइलों में ही दफन हो जाएगा पूरा मामला सिवनी में यह मुद्दा अब तेजी से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बनता जा रहा है
Author: Dainik kesariya Hindustan
सिर्फ खबरों से संबंधित ही संपर्क करें सम्पादक अशोक सोनी 9009601101 जुड़ने के लिए सम्पर्क करे प्रबंधक उजाला 8602385387 खबरों के लिए सम्पर्क करे दीपेश माहौर 8463846949







