दैनिक केसरिया हिन्दुस्तान/नीरज चतुर्वेदी
मथुरा। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मथुरा पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है।
थाना कोसीकलां क्षेत्र के एक पुराने मामले में प्रभावी पैरवी और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर माननीय न्यायालय एडीजे/स्पेशल पोक्सो एक्ट ने एक दोषी को कड़ी सजा सुनाई है। अदालत ने वादी की नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी रतन सिंह उर्फ करुआ (पुत्र नारायण, निवासी कोटवन, थाना कोसीकलां, मथुरा) को 07 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 18,000 रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया गया है। अर्थदण्ड न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह मामला साल 2014 का है। थाना कोसीकलां पर अभियुक्त रतन सिंह उर्फ करुआ के खिलाफ मु0अ0सं0 828/2014 के तहत भादवि की धारा 363 (अपहरण), 366 (शादी के लिए मजबूर करने हेतु महिला का अपहरण) और 376 (दुष्कर्म) सहित $3/4$ पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
अधिकारियों की निगरानी और टीम का संयुक्त प्रयास ऑपरेशन कन्विक्शन के अंतर्गत इस संवेदनशील मामले की निरंतर समीक्षा और मार्गदर्शन वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया जा रहा था। इसमें अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन, पुलिस उपमहानिरीक्षक आगरा परिक्षेत्र और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की गई। मथुरा पुलिस द्वारा की गई गुणवत्तापूर्ण विवेचना, पुख्ता साक्ष्यों के संकलन और कोर्ट में लोक अभियोजक श्रीमती अलका उपमन्यु (ए0डी0जी0सी0/स्पेशल पोक्सो एक्ट) के संयुक्त व प्रभावी प्रयासों के चलते आज आरोपी को उसके किए की सजा भुगतनी पड़ी। इस पैरवी को अंजाम तक पहुंचाने में थाना कोसीकलां के उ0नि0 नरेन्द्र सिंह और का धर्मेन्द्र सिंह की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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