दैनिक केसरिया हिंदुस्तान फैसल कुरैशी
एक बार फिर राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी निभाने का अवसर आया है। जनगणना के अंतर्गत मकान सूचीकरण का महत्वपूर्ण कार्य प्रारम्भ होने जा रहा है और एक बार फिर हम सभी को अपने विद्यालयों से निकलकर समाज और राष्ट्र के बीच अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए फील्ड में उतरना है। कभी कभी मैं सोचती हूं कि आखिर शासन ऐसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए एक शिक्षक को ही क्यों चुनता है? क्योंकि शिक्षक केवल किताबों के पन्ने नहीं पढ़ाता, वह समाज की नब्ज को समझता है। वह केवल बच्चों का भविष्य नहीं बनाता, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्र के सबसे महत्वपूर्ण दायित्वों को भी अपने कंधों पर उठाने का साहस रखता है। जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं है, यह आने वाले भारत की तस्वीर तैयार करने का कार्य है। इसमें भरे गए प्रत्येक तथ्य से भविष्य की योजनाएँ, विकास और करोड़ों लोगों से जुड़े निर्णय तय होते हैं। मुझे आज भी गर्व के साथ याद है कि एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण कार्य को मथुरा ने रिकॉर्ड समय में पूरा किया था। और यह कहने में मुझे कोई संकोच नहीं है कि उस सफलता के पीछे सबसे मजबूत शक्ति हमारा शिक्षक समाज था। आप सभी ने अपने समर्पण, अनुशासन और अथक परिश्रम से न केवल कार्य पूरा किया था, बल्कि मेरा और हमारे बेसिक शिक्षा विभाग का नाम भी गर्व से ऊँचा किया था। आज फिर एक नई जिम्मेदारी हमारे सामने खड़ी है। मुझे आप सभी पर वही विश्वास है, जो उस समय था। मुझे विश्वास है कि जब मथुरा का शिक्षक फील्ड में उतरता है, तो वह केवल अपनी ड्यूटी नहीं निभाता, बल्कि अपने कार्य से एक पहचान छोड़ता है। आइए, हम सब मिलकर एक बार फिर इतिहास रचें और यह सिद्ध करें कि शिक्षक समाज को दी गई जिम्मेदारी केवल पूरी नहीं होती, बल्कि वह एक मिसाल बन जाती है।
वर्जन
शिक्षक केवल भविष्य नहीं गढ़ता, वह हर उस समय राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत बनकर खड़ा होता है, जब देश को उसकी आवश्यकता होती है।
-रतन कीर्ति, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मथुरा
Author: Dainik kesariya Hindustan
सिर्फ खबरों से संबंधित ही संपर्क करें सम्पादक अशोक सोनी 9009601101 जुड़ने के लिए सम्पर्क करे प्रबंधक उजाला 8602385387 खबरों के लिए सम्पर्क करे दीपेश माहौर 8463846949







