जिला अस्पताल में मरीज की मौत पर डॉक्टरों-स्टाफ पर हमला इमरजेंसी सेवाएं ठप, स्टाफ नर्स का गला घोंटने की हुई कोशिश

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हमीरपुर
ब्यूरो चीफ कामिनी सिंह

हमीरपुर। जिला अस्पताल की इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और स्टाफ पर सल्फास खाए युवक की इलाज के दौरान मौत पर लापरवाही का आरोप लगाकर तीमारदारों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला बोल दिया। इस दौरान स्टाफ नर्स का गला ईसीजी मशीन के केबल से कसने की कोशिश की गई और मशीन उठाकर बाहर फेंक दी गई। इसके बाद इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेंद्र कुमार के साथ भी जमकर मारपीट की गई। डॉक्टर को बचाने पहुंचे गार्ड को भी पीटा गया। करीब 20 मिनट तक इमरजेंसी वार्ड में हंगामा चलता रहा, जिससे अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों और तीमारदारों में हड़कंप मच गया। घटना के बाद डॉक्टरों में भारी आक्रोश हो गया और इमरजेंसी सेवाएं ठप कर दी गई। पीड़ित डॉक्टर की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की है। उधर हंगामा बढ़ने के बाद ओपीडी सेवाएं भी प्रभावित हो गई। हालांकि बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्वास्थ्य सेवाएं बहाल कर दी गयीं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार तड़के करीब चार बजे थाना बिवांर क्षेत्र के अतरार गांव निवासी जितेंद्र सिंह 18 वर्ष पुत्र धर्मेंद्र सिंह को सल्फास खाने के बाद जिला अस्पताल लाया गया था। उसके साथ कौशल नाम का युवक और दो बोलेरो गाड़ियों में सवार करीब 12 से 15 अन्य लोग भी अस्पताल पहुंचे थे। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. महेंद्र कुमार के अनुसार युवक की हालत बेहद गंभीर थी। प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे कानपुर रेफर कर दिया गया था और एंबुलेंस भी आ चुकी थी। जब मरीज को एंबुलेंस में शिफ्ट किया जा रहा था तभी एंबुलेंस स्टाफ को उसकी हालत को लेकर शंका हुई। इस पर तीमारदार मरीज को दोबारा इमरजेंसी ओटी में ले गए, जहां उसकी ईसीजी की गई। जांच में युवक की मौत की पुष्टि हो गई। इसके बाद हंगामा शुर हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी सदर राजेश कमल सहित सदर कोतवाली पुलिस भारी बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
पुलिस ने पीड़ित चिकित्सक डा. महेन्द्र कुमार सिंह की तहरीर के आधार पर मुख्य आरोपी कौशल पुत्र अश्वनी निवासी ग्राम अतरार थाना बिवांर एवं उसके 10-15 अन्य अज्ञात साथियों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया है।
घटना के तुरंत बाद आक्रोशित डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने कार्यबहिष्कार कर दिया था, जिससे कुछ घंटों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस द्वारा कड़ी कार्रवाई के भरोसे के बाद अब जिला चिकित्सालय की ओपीडी, इमरजेंसी और अन्य सभी चिकित्सीय सेवाएं पूर्ण रूप से सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं।
सीओ सदर राजेश कमल ने बताया कि प्रकरण में विधिक एवं विवेचनात्मक कार्यवाही तेजी से प्रचलित है। नामजद आरोपी कौशल और उसके फरार साथियों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। सभी आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

Dainik kesariya Hindustan
Author: Dainik kesariya Hindustan

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