दैनिक केसरिया हिन्दुस्तान से चंद्रशेखर बरेठ
जांजगीर चांपा: छत्तीसगढ़ में कृषि सीजन की तैयारी के बीच डीएपी खाद की खपत लगातार बढ़ने से प्रदेशभर में उर्वरक प्रबंधन को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। इसी संदर्भ में भारतीय जनता पार्टी प्रदेश किसान मोर्चा के प्रवक्ता इंजिनीयर रवि पाण्डेय ने किसानों से वैज्ञानिक पद्धति से उर्वरक उपयोग करने की अपील की है।पाण्डेय ने कहा कि राज्य के अनेक क्षेत्रों में किसान परंपरागत तौर पर केवल DAP का उपयोग कर रहे हैं, जबकि आधुनिक कृषि विज्ञान के अनुसार फसल को विभिन्न पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश, सल्फर तथा सूक्ष्म पोषक तत्वों की संतुलित उपलब्धता से न केवल उत्पादन बढ़ता है, बल्कि मिट्टी की दीर्घकालिक उर्वरता भी सुरक्षित रहती है।कृषि विशेषज्ञों का हवाला देते हुए पाण्डेय ने कहा कि एक ही प्रकार के उर्वरक पर निर्भरता से मिट्टी का पोषण असंतुलित हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर उर्वरक योजना तैयार करें और कृषि विज्ञान केंद्रों से उपलब्ध वैज्ञानिक मार्गदर्शन का लाभ लें।प्रदेश किसान मोर्चा का मानना है कि सही उर्वरक प्रबंधन न केवल किसानों की लागत कम करेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की कृषि उत्पादकता को भी नई दिशा देगा। पाण्डेय ने कहा कि किसान तेजी से नई तकनीकों और वैज्ञानिक सलाह को अपना रहे हैं, और यही प्रवृत्ति आने वाले सीजन में बेहतर परिणाम देगी।अंत में उन्होंने उम्मीद जताई कि जागरूकता बढ़ने से किसान संतुलित पोषण की ओर अग्रसर होंगे और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
Author: Dainik kesariya Hindustan
सिर्फ खबरों से संबंधित ही संपर्क करें सम्पादक अशोक सोनी 9009601101 जुड़ने के लिए सम्पर्क करे प्रबंधक उजाला 8602385387 खबरों के लिए सम्पर्क करे दीपेश माहौर 8463846949







