छोटे ईंट भट्ठे पर कार्रवाई से ग्रामीणों में आक्रोश, निष्पक्ष जांच की उठी मांग

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दैनिक केसरिया हिंदुस्तान/संवाददाता धीरेंद्र कुमार जायसवाल/9131419735

तिल्दा नेवरा। तिल्दा नेवरा तहसील क्षेत्र के ग्राम अल्दा में एक छोटे ईंट भट्ठे पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं ग्राम अल्दा निवासी लखन लाल वर्मा ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि उनके द्वारा लगभग 70 हजार लाल ईंटें घरेलू उपयोग और आजीविका के उद्देश्य से तैयार की गई थीं, लेकिन कार्रवाई के दौरान इसे बढ़ा-चढ़ाकर लगभग एक लाख ईंट बताकर प्रस्तुत किया गया, जो पूरी तरह गलत और भ्रामक है।
लखन लाल वर्मा का कहना है कि उनके परिवार का जीवनयापन सीमित संसाधनों पर निर्भर है और छोटे स्तर पर ईंट निर्माण कर वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई के बाद जिस प्रकार से खबरों में तथ्य प्रस्तुत किए गए, उससे उनकी सामाजिक छवि और परिवार की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है।
ग्रामीणों ने भी खुलकर लखन वर्मा का समर्थन करते हुए कहा कि तिल्दा नेवरा और आसपास के कई गांवों में बड़े स्तर पर लाल ईंटों का कारोबार वर्षों से संचालित हो रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि केवल तिल्दा से 10 से 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम अल्ला में एक छोटे ईंट भट्ठे को ही कार्रवाई के लिए क्यों चुना गया? ग्रामीणों ने पूछा कि यदि नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है, तो फिर क्षेत्र में संचालित अन्य अवैध ईंट भट्टों पर समान कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
ग्रामीणों का कहना है कि क्या केवल कमजोर और असहाय लोगों पर ही कार्रवाई करना आसान है? क्या गांव और जनहित के लिए आवाज उठाना गलत है? लोगों ने आरोप लगाया कि ग्राम अल्दा लंबे समय से गांव के हित और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर अपनी बात रखता आया है, और इसी कारण गांव के लोगों को अलग-अलग मामलों में उलझाने की कोशिश की जा रही है।
ग्रामीणों ने भावुक स्वर में कहा कि “किसी न किसी बहाने से गांव को तोड़ने और लोगों को बांटने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अल्दा गांव की एकता को तोड़ना आसान नहीं है। पूरा गांव एकजुट है और हमेशा एकजुट रहेगा।”
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से निष्पक्ष और समान कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, तो कार्रवाई भी बिना भेदभाव और पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीण प्रशासन से न्यायपूर्ण जांच की मांग कर रहे हैं।

Dainik kesariya Hindustan
Author: Dainik kesariya Hindustan

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