20 से 26 जून तक यूपी में ‘जन प्रतिरोध सप्ताह’ मनाएगा संयुक्त किसान मोर्चा

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ब्यूरो चीफ अनिल सोलंकी दैनिक केसरिया हिंदुस्तान एटा

26 जून को सभी जिला मुख्यालयों पर जुझारू प्रदर्शन; बिजली निजीकरण व स्मार्ट मीटर के खिलाफ तेज होगा आंदोलन
एटा,संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की उत्तर प्रदेश राज्य काउंसिल की विस्तारित बैठक में प्रदेशभर में 20 से 26 जून तक “जन प्रतिरोध सप्ताह” मनाने का ऐलान किया गया। बैठक की अध्यक्षता जयप्रकाश नारायण, भारत सिंह और धर्मपाल सिंह के अध्यक्ष मंडल ने की।
मोर्चा के अनुसार, इस दौरान गांवों, कस्बों और जिला मुख्यालयों पर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। 26 जून को सभी जिला मुख्यालयों पर संयुक्त रूप से बड़े प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। बैठक में बिजली निजीकरण, स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना तथा दक्षिणांचल एवं पूर्वांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण का जोरदार विरोध किया गया।
मोर्चा ने मांग उठाई कि प्रदेश सरकार चुनावी वादे के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली तथा किसानों को बिना शर्त सिंचाई हेतु मुफ्त बिजली उपलब्ध कराए। साथ ही स्मार्ट मीटरों के विरोध में आंदोलन कर रहे उपभोक्ताओं और किसानों पर दर्ज मुकदमे तत्काल वापस लेने की मांग भी की गई।
एसकेएम ने प्रदेश में भूमि अधिग्रहण, बुलडोजर कार्रवाई, जन आंदोलनों पर दमन और लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार मजदूरों और किसानों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। मोर्चा ने नोएडा समेत प्रदेशभर के मजदूरों को न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा और श्रम अधिकार सुनिश्चित करने की मांग उठाई। जेलों में बंद आंदोलनकारियों और मजदूरों की रिहाई तथा उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों की वापसी की मांग भी की गई।
बैठक में हाल की प्राकृतिक आपदाओं में मृत लोगों के आश्रितों को आर्थिक सहायता देने और बर्बाद फसलों का उचित मुआवजा देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। किसानों के गेहूं की सरकारी खरीद सभी क्रय केंद्रों पर सुनिश्चित करने तथा घरेलू गैस की किल्लत दूर करने की भी मांग की गई।
संयुक्त किसान मोर्चा ने साफ किया कि किसानों और मजदूरों की बुनियादी मांगों को लेकर संघर्ष और तेज किया जाएगा। मोर्चा की प्रमुख मांगों में एमएसपी (सी2+50%) की कानूनी गारंटी, पूर्ण कर्जमाफी, बीज विधेयक की वापसी, मुक्त व्यापार समझौतों को रद्द करना, मनरेगा को मजबूत करना, चारों श्रम संहिताओं की वापसी, गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान, गन्ने का लाभकारी मूल्य 500 रुपये प्रति कुंतल घोषित करना, बंद चीनी मिलों को चालू करना तथा आलू का एमएसपी 1600 रुपये प्रति कुंतल तय करना शामिल है।
बैठक में किसान-मजदूर एकता को मजबूत करने और ट्रेड यूनियनों के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

Dainik kesariya Hindustan
Author: Dainik kesariya Hindustan

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