विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए मृदा परीक्षण शुरू 330 किमी लंबा होगा मार्ग

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अमिताभ मिश्रा स्थानीय संपादक जिला सोनभद्र

रेणुकूट। विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर तैयारियां अब तेज रफ्तार पकड़ चुकी हैं। प्रयागराज से छत्तीसगढ़ सीमा तक प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे के निर्माण की दिशा में अहम कदम उठाते हुए मृदा परीक्षण (सॉयल टेस्टिंग) का कार्य शुरू कर दिया गया है। करीब 330 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है, जिससे इसकी कुल लंबाई बढ़कर लगभग 450 किलोमीटर हो जाएगी। इस परियोजना के पूरा होने से पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली की अल्मोंडज कंपनी द्वारा एक्सप्रेसवे के रूट का सर्वे लगभग पूरा कर लिया गया है। सर्वे के बाद अब लखनऊ की अरुण सॉयल लैब की टीम अलग-अलग स्थानों पर अत्याधुनिक मशीनों की मदद से मिट्टी की गुणवत्ता और मजबूती की जांच कर रही है। यह परीक्षण निर्माण की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसके आधार पर सड़क की डिजाइन, मजबूती और लागत तय की जाएगी। मंगलवार को मुर्धवा-बीजपुर मार्ग पर आश्रम मोड़ के पास प्रस्तावित ओवरब्रिज स्थल पर सॉयल टेस्टिंग का कार्य किया गया। इस दौरान साइड इंचार्ज मनोज कुमार के नेतृत्व में टीम ने जमीन में गड्ढे खोदकर मिट्टी के नमूने एकत्र किए। इन नमूनों को विस्तृत जांच के लिए लखनऊ भेजा जा रहा है। टीम का कहना है कि डेढ़ से दो महीने के भीतर परीक्षण रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी।
अरुण सॉयल लैब के प्रतिनिधि मनोज कुमार ने बताया कि परियोजना के लिए कुल 9 मशीनें लगाई गई हैं। इनमें से चार मशीनें प्रयागराज, तीन मिर्जापुर और दो मशीनें सोनभद्र जिले में कार्यरत हैं। इन सभी मशीनों के माध्यम से निर्धारित समय सीमा के भीतर सॉयल टेस्टिंग का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक, मृदा परीक्षण और अन्य तकनीकी व प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद विधानसभा चुनाव से पहले ही निर्माण कार्य शुरू करने की योजना है। सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ सीमा तक एक्सप्रेसवे को विस्तारित करने के प्रस्ताव के बाद नए सिरे से रूट सर्वे भी कराया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण से क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इसके अलावा, यह एक्सप्रेसवे पूर्वांचल और मध्य भारत के बीच तेज और सुगम यातायात का एक महत्वपूर्ण कॉरिडोर साबित हो सकता है।
इनसेट
प्रस्तावित रूट इस प्रकार होगा
रेणुकूट। विंध्य एक्सप्रेसवे का प्रस्तावित मार्ग प्रयागराज के गोपालपुर और फाफामऊ से शुरू होकर मिर्जापुर के अमोई, पहाड़ी, तिगोरा, गुरकुली, शिवगढ़ किला, हिनौती, हिन्दुआरी, रामगढ़, धंधरौल बांध और अमिला धाम होते हुए आगे बढ़ेगा। इसके बाद चकरिया के पास सोन नदी पर पुल निर्माण किया जाएगा। यह मार्ग तेलगुड़वा के समानांतर अटल आवासीय विद्यालय, गुरमुरा से गुजरते हुए वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग को क्रॉस करेगा। आगे यह रेलवे लाइन के किनारे-किनारे मुर्धवा मोड़ से पहले फिर सड़क को पार करेगा और रनटोला के पास म्योरपुर-मुर्धवा मार्ग को क्रॉस करेगा। इसके बाद एक्सप्रेसवे म्योरपुर रोड और रेणुकूट रेलवे स्टेशन के बीच से गुजरते हुए आश्रम मोड़ के पास फिर से सड़क पार करेगा। आगे यह म्योरपुर-दुद्धी मार्ग से बनवासी सेवा आश्रम के बगल से जामपानी, बभनी के घघरी, पोखरा होते हुए परसाटोला में छत्तीसगढ़ सीमा पर समाप्त होगा।

Dainik kesariya Hindustan
Author: Dainik kesariya Hindustan

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