कमलेश रजक/ जिला प्रतिनिधि
बलौदाबाजार। धान उपार्जन केन्द्रों में शून्य शार्टेज बताने के बाद भी बचत धान की हेराफेरी के मामले लगातार देखने सुनने को मिल रहे है। खरीफ विपणन में इस वर्ष ऐसी अनियमितताए पाई भी गई है। शिकायत मिलने पर वहां कार्रवाई भी की गई है। कुछ इसी तरह का मामला लवन शाखा के बरदा उपार्जन केन्द्र का है। यहां समिति प्रबंधक एवं प्राधिकृत अधिकारी के द्वारा 01 मई 2026 को शून्य शार्टेज बताया गया। समिति के अनुसार केन्द्र में धान उपलब्ध नहीं था। किन्तु दूसरे ही दिन 2 मई को प्राधिकृत अधिकारी एवं प्रभारी प्रबंधक के द्वारा बाहर से वाहन बुलाकर 600 कट्टा धान बोरी का हेराफरी किया गया। जिसकी जानकारी बरदा के किसानों को होने पर 04 मई को जिला कलेक्टर एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं बलौदाबाजार के नाम से ज्ञापन देकर दोषियों पर कार्यवाही की मांग किया गया है।
कलेक्टर को दिए गए शिकायत के अनुसार इस वर्ष बरदा धान खरीदी केन्द्र में 01 मई 2026 की स्थिति में धान का उठाव पूर्ण होने के साथ स्टाक शून्य बताया गया था। लेकिन दो दिन बाद 2 मई को एक बड़ी वाहन माजदा क्रमांक सी.जी. 04 जे.ए. 7625 में बगैर परमीट के बाहर से मजदूर लाकर बरदा सहकारी समिति के धान खरीदी केन्द्र में पहुंच गया। जहां प्राधिकृत अधिकारी के पुत्र एवं समिति प्रबंधक भी उपस्थित थे। वहां उपस्थित किसानों के द्वारा वाहन अन्दर जाने एवं धान ले जाने को लेकर धान परिवहन का परमीट पुछा गया जिस पर चालक के द्वारा परमीट नहीं होने की बात कही गई। परमीट नहीं होने के बाद भी समिति के प्राधिकृत अधिकारी के पुत्र एवं समिति प्रबंधक की सहमति से लगभग 600 बोरी धान को ले जाया गया। जिससे साबित होता है कि समिति के अधिकारी व पदाधिकारी का इस प्रकरण में पूरी तरह से संलिप्तता है जो कि एक गंभीर लापरवाही एवं अपराध है। शिकायतकर्ता चिंताराम बंजारे धन्नू जांगड़े गेंदराम वर्मा कमल नारायण का कहना है 1 मई को धान शून्य दर्शाया गया था तो दूसरे दिन करीब 600 बोरी धान कहा से आया। क्या खरीदी के दौरान किसानों से अतिरिक्त धान लेकर उसे छुपाकर रखे थे। जिसे शार्टेज शून्य होने के बाद बेचा जा सके। इससे यह साबित होता है कि समिति प्रबंधक एवं प्राधिकृत अधिकारी के द्वारा गंभीर अनियमितताएं की गई है। जिस पर कठोर से कठोर कार्यवाही की आवश्यकता है।
वही। वही शिकायतकर्ताओं ने आरोप भी लगाया कि बरदा धान खरीदी केन्द्र मे 40 किलो 600 ग्राम की जगह 40 किलो 900 एवं 41 किलो तक धान किसानों से लिया गया। इसी अतिरिक्ति धान को छुपाकर रखा रहा होगा जिसे चोरी छिपे बेचा जा रहा है। शिकायतकर्ताओ ने कलेक्टर से शिकायत कर निष्पक्ष जांच एवं कार्यवाही की मांग की है।
इस संबंध में प्रभारी समिति प्रबंधक खुलेश उर्फ शुक्ला वर्मा ने गोलमोल जवाब देते हुए आरोप को निराधार बताया
इस संबंध में प्राधिकृत अधिकारी गिरधारी वर्मा ने कहा कि धान का कोई हेराफेरी नहीं किया गया है। आरोप निराधार है
इस संबंध में आयुक्त एवं उप पंजीयक उमेश कुमार गुप्ता से जानकारी लेने संपर्क किया गया किंतु उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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