साक्ष्य के अभाव में रेलवे नौकरी दिलाने के मुकदमे में वरिष्ठ पत्रकार सहित तीन दोषमुक्त बरी हुए

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संतोष यादव डंगहर की खास रिपोर्टिंग

मीरजापुर 8 जुलाई। बथुआ मुहल्ले में घर के सामने वाहन खड़ा करने के वादी मुकदमा द्वारा रंजिशन खार खाए द्वारा 2009 में विरोध के झगडे से उत्पन्न हुई विवाद से खार खाए बच्चे लाल सोनकर द्वारा डेढ़ वर्ष बाद वरिष्ठ पत्रकार एवं दो अन्य के खिलाफ रेलवे में नौकरी दिलाने के कथित आरोप में एक अभियोग थाना लालगंज में दर्ज किया गया। राज्य बनाम फूल चंद त्रिपाठी मामले में वरिष्ठ पत्रकार शशि भूषण दूबे, फूल चंद त्रिपाठी एवं राजीव रंजन दूबे को विशेष न्यायाधीश (एडीजे द्वितीय) न्यायालय द्वारा लम्बी छानबीन एवं साक्ष्य सबूतों की जांच पड़ताल के बाद लगभग 15 वर्षो तक चले मुकदमे में न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में उपरोक्त तीनों आरोपियों को आरोप से बरी दोषमुक्त करार किया गया है। बताते चलें कि पूर्वोत्तर रेलवे कोलकाता में आर आर बी के कूटरचित मनगढ़ंत नियुक्ति पत्र एवं ज्वाइनिंग पत्र को आधार बनाकर खजांची बाडा बथुआ थाना कोतवाली कटरा के बच्चे लाल सोनकर ने राजनैतिक प्रभाव से एक मुकदमा थाना लालगंज में दर्ज कराया था। जिसमें उसने आरोप लगाया था कि उसके पुत्र संदीप कुमार सोनकर को रेलवे में नौकरी दिलाने एवं कूटरचित नियुक्ति पत्र देकर फूल चंद त्रिपाठी द्वारा शशि भूषण दूबे के सहयोग से उनके साथ कूटरचना कर छः लाख रुपए फूल चंद त्रिपाठी को दिया गया है। उसके पुत्र को न नौकरी दी गई और न रूपए वापस किया गया है। श्री बच्चे लाल सोनकर ने अपने मुकदमे में आरोपित किया है कि जब वह उक्त रूपए वापस लेने के लिए शशि भूषण दूबे के घर गया तो उन्होंने गाली गलौज एवं जांति सूचक अभद्र व्यवहार करते हुए उनके पुत्र राजीव रंजन दूबे द्वारा जान-माल की धमकी दी गई।वह वहां से किसी तरह जान बचा कर भागा भागा आया और पुलिस अधीक्षक को घटना की जानकारी एवं नौकरी दिलाने के नाम पर पैसा लेने जैसे धोखाधड़ी मामले की एफ आई आर दर्ज कराने का प्रार्थना पत्र दिया। पुलिस अधीक्षक के सत्यनारायणा ने उसपर जांच बैठा दी और पुलिस क्षेत्राधिकारी लालगंज उमाशंकर मिश्र को जल्द जांच रिपोर्ट देने को निर्देशित किया। मुकदमा दर्ज कर विवेचना कार्रवाई शुरू करने के लिए पुलिस क्षेत्राधिकारी लालगंज को भेज दिया गया विवेचना उपरांत पुलिस क्षेत्राधिकारी लालगंज द्वारा चार्जशीट न्यायालय भेज दिया गया। यह घटना वृतांत 2011 की है। उक्त मुकदमे में प्रतिवादी शशि भूषण दूबे एवं राजीव रंजन दूबे के विद्वान अधिवक्ता गया प्रसाद पाण्डेय के सहयोगी अधिवक्ता भारत भूषण यादव द्वारा गहन अध्ययन एवं चार्जशीट केस डायरी के आधार पर सुनवाई में तर्क़ संगत तथ्यों साक्ष्यों का आंकलन किया गया और बताया गया कि वरिष्ठ पत्रकार द्वारा बच्चे लाल सोनकर के खिलाफ शराब तस्करी में लिप्त होने का कई बार अखवार में समाचार छापने से एवं उसका अवैध शराब धंधा बन्द होने से उसके ऐसी कूटरचना स्वयं किया गया और वरिष्ठ पत्रकार के रीवा रोड पर वादी मुकदमा सोनकर के घर के सामने वाहन खड़ा करने आदि मामलों की पुरानी रंजिश थी जिसमें उच्च न्यायालय द्वारा वरिष्ठ पत्रकार के सुरक्षार्थ डायरेक्शन भी वादी मुकदमा के मुकदमा दर्ज होने से पूर्व दिया गया था, जिसमें प्रमुख सचिव गृह एवं पुलिस अधीक्षक को पक्षकार बनाया गया था जिससे सावित होता है कि अवैध शराब कारोबारी और पुलिस दोनों की मिलीभगत से वरिष्ठ पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। उधर मुख्य अभियुक्त फूल चंद त्रिपाठी के मुकदमे में पैरवी विद्वान अधिवक्ता संतोष कुमार सिंह गौतम द्वारा किया गया। तीनों आरोपियों के मुकदमे की पैरवी बहस जीरह आरोपियों को गलत आरोप में फंसाये जाने और निर्दोष होने का तर्क न्यायालय को बताया गया। उधर राज्य बनाम फूल चंद त्रिपाठी मुकदमा की शासकीय अधिवक्ता प्रदीप कुमार सिंह द्वारा तगड़ी पैरवी किया गया एवं बच्चे लाल सोनकर के नीजी अधिवक्ता मिश्री लाल सिंह पटेल द्वारा समय समय पर निगरानी एवं पैरवी किया गया। गौरतलब बात यह है कि यह पुरानी फाइल होने के चलते उच्च न्यायालय प्रयागराज के गाईड लाईन के अंतर्गत दिशा-निर्देश पर ऐक्शन प्लान में शामिल किया गया। और त्वरित निस्तारण में शामिल उक्त मुकदमे की गहन अध्ययन विद्वान विशेष न्यायाधीश (एडीजे कोर्ट द्वितीय) एससी एसटी श्रीमती ऋचा जोशी द्वारा शुरू किया गया उन्होंने अपने अदालती समय में उक्त पुराने मुकदमे में पत्रावली का गहन अध्ययन किया और आरोपियों के विद्वान अधिवक्ता सीनियर एडवोकेट गया प्रसाद पाण्डेय द्वारा किया गया बहस को विधिवत सुना और अध्ययन किया उसके बाद फैसले के आदेश में तारीख मुकर्रर किया गया जहां 7 जुलाई को अपराह्न साढ़े तीन बजे सभी आरोपियों के उपस्थित का आंकलन किया तदुपरांत फैसला सुनाया कि राज्य बनाम फूल चंद त्रिपाठी मुकदमा में आरोपित सभी आरोपियों को समस्त धाराओं में पूर्णतया दोषमुक्त पाया गया इसलिए उन्हें दोषमुक्त करार किया जाता है। उसके बाद माननीय विशेष न्यायाधीश श्रीमती ऋचा जोशी न्यायालय डायस से अगले दिन के लिए उठकर चैम्बर में चली गई।

Dainik kesariya Hindustan
Author: Dainik kesariya Hindustan

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