मौ इंडियन गैस एजेंसी पर गंभीर आरोप—हर महीने लाखों की गड़बड़ी का दावा, कार्रवाई कब

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जिला ब्यूरो चीफ अब्दुल हमीद की खास रिपोर्ट
भिण्ड/मौ/ में संचालित इंडियन गैस एजेंसी से जुड़ी इंडियन गैस एजेंसी अब गंभीर आरोपों के घेरे में आ गई है। लगातार मिल रही शिकायतों और हेल्पलाइन तक पहुंचे मामलों के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं, जिससे पूरे सिस्टम की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस सिलेंडर बुक कराने के बाद भी समय पर डिलीवरी नहीं दी जाती। बार-बार “बुकिंग नहीं हुई” या “रद्द हो गई” जैसे बहाने बनाकर लोगों को गुमराह किया जाता है। इसके कारण आम जनता को बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ते हैं और भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि घर तक सिलेंडर पहुंचाने के बजाय उपभोक्ताओं को लगभग 3 किलोमीटर दूर गोदाम से खुद सिलेंडर उठाने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जबकि नियमों के अनुसार घर तक सिलेंडर पहुंचाना एजेंसी की जिम्मेदारी होती है। बुजुर्गों, महिलाओं और कामकाजी लोगों के लिए यह स्थिति बड़ी मुसीबत बन चुकी है और लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल उस पैसे को लेकर उठ रहा है जो घर तक डिलीवरी के नाम पर लिया जा रहा है। जब सेवा दी ही नहीं जा रही, तो यह शुल्क किस आधार पर वसूला जा रहा है। क्षेत्र में करीब 30 हजार कनेक्शन बताए जा रहे हैं। यदि प्रति सिलेंडर औसतन 30 रुपये डिलीवरी शुल्क माना जाए, तो एक चक्र में लगभग 9 लाख रुपये और पूरे वर्ष में यह राशि 60 लाख से 1 करोड़ रुपये तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है। यह आंकड़े उपभोक्ताओं के दावे हैं, लेकिन इतनी बड़ी राशि अपने आप में पूरे मामले को बेहद गंभीर बना देती है।
इसके अलावा सिलेंडर की उपलब्धता और कीमतों को लेकर भी उपभोक्ताओं में असंतोष है। आरोप हैं कि समय पर गैस नहीं दी जाती और बाजार में ऊंची कीमत पर उपलब्धता को लेकर भी संदेह बना हुआ है। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी, लेकिन लगातार सामने आ रही शिकायतें प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े कर रही हैं।
सबसे अहम सवाल यही है कि जब मामला बार-बार हेल्पलाइन तक पहुंच चुका है, तो अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई। क्या आम उपभोक्ता की परेशानी को नजरअंदाज किया जा रहा है या फिर सिस्टम की खामोशी किसी बड़े खेल की ओर इशारा कर रही है।
“जब उपभोक्ता पूरा पैसा दे और बदले में सुविधा न मिले, और शिकायतों के बाद भी सन्नाटा बना रहे—तो यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि व्यवस्था पर सीधा सवाल है।”
“मौ में गैस एजेंसी पर उठ रहे आरोप अब दबने वाले नहीं हैं—जनता अब जवाब नहीं, सीधी कार्रवाई चाहती है।”
इधर, कांग्रेस पार्टी के मौ नगर अध्यक्ष सोनपाल यादव ने भी एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि एजेंसी के मालिक और स्टाफ द्वारा उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी कर लाखों रुपये का गबन किया जा रहा है, जो बिल्कुल भी बर्दाश्त के लायक नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस पार्टी जनहित में बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगी।

Dainik kesariya Hindustan
Author: Dainik kesariya Hindustan

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