वेदांता पावर प्लांट, सक्ती (छत्तीसगढ़) कंपनी प्रबंधन व प्रशासनिक लापरवाही के कारण हुई मौतों की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर FIR और उचित मुआवजे की मांग

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तिल्दा नेवरा
दिलीप वर्मा।
9424211900

छत्तीसगढ़ सीमेंट स्टील पावर एवं खदान कल्याणकारी श्रमिक संघ के संरक्षक श्री शंकर सिंह निर्मलकर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई (Dabhra) स्थित वेदांता लिमिटेड (Vedanta Ltd.) के पावर प्लांट में भीषण बॉयलर विस्फोट में कई निर्दोष श्रमिकों की दर्दनाक मृत्यु और दर्जनों के घायल होने की घटना, औद्योगिक सुरक्षा में कंपनी प्रबंधन की आपराधिक लापरवाही का प्रमाण है। यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या है।
[इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी/स्थानीय ग्रामीणों] की रिपोर्ट के अनुसार, प्लांट में सुरक्षा मानकों (Safety Norms) की अनदेखी की जा रही थी। पूर्व में भी छोटी-मोटी घटनाएं हुई थीं, लेकिन प्रबंधन ने मूकदर्शक बने रहकर श्रमिकों की जान जोखिम में डाली। इसके लिए राज्य सरकार भी दोषी है जिसका श्रम विभाग न फैक्ट्रियों का निरिक्षण करता और न सुरक्षा जैसे मानक उपाय का पालन करवाता।
फर्जी निरिक्षण कर जर्जर मशीनरी आदि उपकरणों का सही प्रमाण पत्र जारी कर देता है। छत्तीसगढ़ का श्रम विभाग भ्रष्टाचार में लिप्त है श्रमिकों की मांगों समस्याओं को नजरंदाज कर देता है कंपनी प्रबंधन के खिलाफ आवाज उठाने वाले श्रमिकों को नौकरी से निकाल दिया जाता है जिसके कारण श्रमिक भी मौन रहने मजबूर हो जाते हैं।
सरकार एवं कंपनी प्रबंधन से
हमारी प्रमुख मांगें और आरोप:
FIR और कानूनी कार्रवाई: वेदांता प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारियों, प्लांट मैनेजर और सुरक्षा अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए।
उच्चस्तरीय न्यायिक जांच: घटना की निष्पक्ष जांच के लिए एक न्यायिक आयोग का गठन हो, ताकि यह पता चल सके कि पुराने उपकरणों/बिना मेंटेनेंस के प्लांट क्यों चलाया जा रहा था।
मुआवजा और नौकरी: प्रत्येक मृतक के परिवार को मुआवजा राशि बढ़ाकर कम से कम ₹1 करोड़ का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी दी जाए। घायलों को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता और पूरी तरह से मुफ्त इलाज मुहैया कराया जाए।
श्रमिक सुरक्षा का ऑडिट: प्रदेश के सभी पावर प्लांट्स में सुरक्षा ऑडिट सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
सरकार द्वारा की जा रही खानापूर्ति, कंपनी को बचाने का प्रयास है, जिसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। यदि प्रशासन न कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो हमारा संगठन व्यापक जनांदोलन पुरे प्रदेश में (धरना-प्रदर्शन) करने के लिए बाध्य होगा।

Dainik kesariya Hindustan
Author: Dainik kesariya Hindustan

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