धर्मेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट
ग्यारसपुर विकासखंड के ग्राम मोहनपुर में सपेरा समाज के एक परिवार में एक साथ दो नाबालिग बालिकाओं के विवाह की सूचना प्राप्त होते ही प्रशासन एवं सामाजिक संगठन सक्रिय हो गए। सूचना विदिशा सोशल वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन की जिला प्रभारी दीपा शर्मा द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को दी गई।सूचना के आधार पर तत्काल एक संयुक्त टीम का गठन कर मौके पर भेजा गया। टीम में दीपा शर्मा, लाडो अभियान प्रभारी मुकेश ताम्रकार, मोनू सेन, ग्यारसपुर की सुपरवाइजर प्रतिज्ञा चैरसिया तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता राजकुमारी शामिल रहीं। टीम ने ग्राम मोहनपुर पहुंचकर संबंधित परिवार से चर्चा की और बालिकाओं के विवाह को रोकने की कार्रवाई की।टीम द्वारा परिजनों को समझाइश दी गई कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और बालिकाओं का विवाह 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद ही किया जा सकता है। साथ ही स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई कि यदि नाबालिग बालिकाओं का विवाह किया जाता है तो संबंधित परिजनों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।इस दौरान परिजनों ने बताया कि उनके सपेरा समाज में परंपरागत रूप से बालिकाओं का विवाह कम उम्र, यहां तक कि लगभग 10 वर्ष की आयु में ही कर दिया जाता है। इस पर टीम ने उन्हें जागरूक करते हुए कहा कि सामाजिक परंपराओं से ऊपर बच्चों का स्वास्थ्य, शिक्षा और कानूनी अधिकार महत्वपूर्ण हैं।प्रशासन एवं महिला बाल विकास विभाग द्वारा लगातार ऐसे मामलों में सतर्कता बरती जा रही है और बाल विवाह रोकने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। यह त्वरित कार्रवाई न केवल दो बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाने का भी एक सकारात्मक प्रयास है।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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