दैनिक केसरिया हिंदुस्तान जिला ब्यूरो चीप शफीक खान
हाईकोर्ट और शासन के आदेशों की धज्जियां सिवनी में अटैचमेंट के खेल पर भड़कीं मालती डेहरिया
सिवनी दैनिक केसरिया हिंदुस्तान जिले की प्रशासनिक व्यवस्था पर उस समय बड़ा सवाल खड़ा हो गया जब जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मालती मुकेश डेहरिया ने खुले मंच से उन मुद्दों को उठा दिया जिनकी चर्चा वर्षों से सरकारी गलियारों में दबे स्वर में हो रही थी जिलापंचायतस भागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने शासकीय विभागों में वर्षों से चल रही अटैचमेंट व्यवस्था को लेकर ऐसा हमला बोला कि पूरे जिले के प्रशासनिक अमले में हलचल मच गई श्रीमती डेहरिया ने सीधा सवाल दागा कि जब मध्यप्रदेश शासन और हाईकोर्ट बार-बार अटैचमेंट समाप्त करने के निर्देश जारी कर चुके हैं तब सिवनी जिले में आखिर इन आदेशों की खुलेआम अनदेखी किसके इशारे पर की जा रही है क्या सिवनी में शासन के आदेशों से ऊपर कोई और व्यवस्था काम कर रही है ग्रामीण क्षेत्र कर्मचारी विहीन मुख्यालयों मेंअटैचमेंट का जमावड़ा जिला पंचायत अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जिले के कई विभागों में कर्मचारी और अधिकारी वर्षों से मूल पदस्थापना छोड़कर अटैचमेंट के सहारे एक ही स्थान पर जमे हुए हैं। नतीजा यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कर्मचारियों की भारी कमी बनी हुई है और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं जबकि कुछ कार्यालयों में जरूरत से ज्यादा कर्मचारियों की मौजूदगी प्रशासनिक असंतुलन पैदा कर रही है सीईओ को कई पत्र फिर भी कार्रवाई शून्य मालती डेहरिया ने खुलासा किया कि उन्होंने जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंजली शाह को कई बार लिखित पत्र भेजकर नियम विरुद्ध अटैचमेंट समाप्त करने की मांग की लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। इससे यह सवाल और गंभीर हो गया है कि आखिर ऐसे आदेशों को लागू करने में कौन सी ताकतें बाधा बन रही हैं क्या सिवनी में नहीं चलता शासन का आदेश सबसे बड़ा सवाल अब यही बन गया है कि यदि शासन और न्यायालय दोनों के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद वर्षों से अटैचमेंट जारी है तो जिम्मेदार कौन है क्या अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी क्या नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा जांच की मांग ने बढ़ाई बेचैनी जिला पंचायत अध्यक्ष ने पूरे जिले के सभी शासकीय विभागों में चल रहे अटैचमेंट की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है उनका कहना है कि नियम विरुद्ध संलग्नीकरण को तत्काल समाप्त कर कर्मचारियों को उनकी मूल पदस्थापना पर भेजा जाए और आदेशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए अब निगाहें प्रशासन पर इस प्रेस वार्ता के बाद जिला पंचायत से लेकर कलेक्ट्रेट तक चर्चाओं का बाजार गर्म है जिले की जनता भी जानना चाहती है कि आखिर वर्षों से चले आ रहे इस कथित अटैचमेंट राज पर प्रशासन कब कार्रवाई करेगा क्या शासन और हाईकोर्ट के आदेशों को जमीन पर उतारा जाएगा या फिर व्यवस्था पहले की तरह चलती रहेगी सवाल बड़ा है जवाब प्रशासन को देना होगा सिवनी में अटैचमेंट का यह मुद्दा अब केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि जवाबदेही और सुशासन की अग्निपरीक्षा बन चुका है
Author: Dainik kesariya Hindustan
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