भगवान श्री कृष्ण का जन्म द्वापर युग में मथुरा के कारागार में हुआ

SHARE:

दैनिक केसरिया हिंदुस्तान जिला ब्यूरो लोकेंद्र सोलंकी भितरवार
ग्राम गड़ाजर में श्रीमद् भागवत कथा का चौथा दिन ब्यास जी के द्वारा श्री कृष्ण जन्म कथा वाचन किया
कथा व्यास पंडित श्री राजीव कृष्ण शास्त्री के मुखारविंद से श्री कृष्ण जन्म कथा विस्तार से वर्णन किया गया
उनके माता-पिता देवकी और वासुदेव थे, जिन्हें दुष्ट राजा कंस ने कैद कर रखा था। उनका पालन-पोषण गोकुल में नंद बाबा और यशोदा माता द्वारा हुआ। आकाशवाणी और कंस का भयमथुरा नगरी में कंस नाम का एक क्रूर और अत्याचारी राजा था। उसने अपने पिता उग्रसेन को गद्दी से हटा दिया था। एक बार कंस अपनी बहन देवकी और उनके पति वासुदेव को रथ पर विदा कर रहा था, तभी आकाशवाणी हुई कि “हे कंस! जिस देवकी को तू इतने प्रेम से विदा कर रहा है, उसी का आठवां पुत्र तेरा वध करेगा।”देवकी के बालकों का वधयह सुनकर कंस भयभीत हो गया और उसने देवकी-वासुदेव को कारागार में डाल दिया। कंस ने देवकी की पहली छह संतानों को जन्म लेते ही मार डाला। जब देवकी सातवीं बार गर्भवती हुईं, तो भगवान विष्णु की माया से वह गर्भ रोहिणी (बलराम) में स्थानांतरित हो गया। कंस को बताया गया कि देवकी का गर्भ नष्ट हो गया है। कारागार में श्री कृष्ण का जन्मभाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की आधी रात को, जब रोहिणी नक्षत्र था, तब देवकी के गर्भ से स्वयं भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया। उस समय कारागार के सभी पहरेदार गहरी नींद में सो गए और दरवाजे अपने आप खुल गए, वासुदेव का गोकुल गमनकंस से बालक को बचाने के लिए, वासुदेव जी ने नवजात शिशु को एक टोकरी में रखा और सिर पर रखकर उफनती यमुना नदी को पार किया। यमुना ने स्वयं बालक के चरण छूकर रास्ता दिया। वासुदेव जी गोकुल में नंद बाबा के घर पहुंचे, जहाँ यशोदा माता ने एक कन्या को जन्म दिया था।5. गोकुल में पालन-पोषण और कंस वधवासुदेव चुपचाप कृष्ण को वहाँ सुलाकर, यशोदा माता की नवजात कन्या को अपने साथ मथुरा के कारागार में ले आए। जब कंस को इस कन्या के जन्म का पता चला, तो उसने उसे मारना चाहा। तब वह कन्या देवी महामाया का रूप लेकर आकाश में उड़ गई और कंस को बताया कि उसका काल गोकुल में पहुंच चुका है।
सभी श्रोताओं न बड़े ही प्रेम पूर्वक कथा का श्रवण किया श्रीमद् भागवत कथा के परीक्षित ठाकुर श्री राव साहब राजकुमार सिंह, एवं हजारों की संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित रहे

Dainik kesariya Hindustan
Author: Dainik kesariya Hindustan

सिर्फ खबरों से संबंधित ही संपर्क करें सम्पादक अशोक सोनी 9009601101 जुड़ने के लिए सम्पर्क करे प्रबंधक उजाला 8602385387 खबरों के लिए सम्पर्क करे दीपेश माहौर 8463846949

Leave a Comment

best news portal development company in india
सबसे ज्यादा पड़ गई