दैनिक केसरिया हिंदुस्तान जिला ब्यूरो सिवनी
सिवनी जिले की जनपद पंचायत बरघाट अंतर्गत ग्राम पंचायत खूंट में विकास कार्यों के नाम पर ऐसा बड़ा खेल सामने आया है जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है लाखों रुपये की लागत से बनाई गई पुलिया पहली ही बारिश की मार नहीं झेल सकी और देखते ही देखते धराशायी हो गई पुलिया के टूटते ही पंचायत के विकास मॉडल की पूरी पोल खुल गई और अब गांव में एक ही चर्चा है क्या जनता के पैसों को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया ग्रामीणों के मुताबिक मनरेगा और पंचायत मद से करीब 15 लाख रुपये खर्च कर इस पुलिया का निर्माण कराया गया था कागजों में इसे मजबूत टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण बताया गया लेकिन जमीन पर हकीकत कुछ और ही निकली पहली बारिश आते ही पुलिया ताश के पत्तों की तरह बिखर गई लोगों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री, कमजोर बेस और तकनीकी नियमों की खुली अनदेखी की गई सीमेंट कम भ्रष्टाचार ज्यादा ग्रामीणों का फूटा गुस्सा ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के दौरान न तो इंजीनियरिंग मानकों का पालन हुआ और न ही गुणवत्ता की जांच की गई आरोप है कि बिलों में सीमेंट गिट्टी और लोहे का भारी उपयोग दिखाया गया जबकि मौके पर पुलिया रेत की दीवार जैसी साबित हुई अब हालात ऐसे हैं कि गांव के स्कूली बच्चे किसान महिलाएं और रोजाना आने-जाने वाले लोग जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करने को मजबूर हैं लोगों का कहना है कि अगर किसी दिन बड़ा हादसा हो गया तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा जनता पूछ रही आखिर किसकी जेब में गया सरकारी पैसा
गांव में पुलिया गिरने के बाद पंचायत सचिव सरपंच और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं ग्रामीण खुलकर आरोप लगा रहे हैं कि विकास कार्य सिर्फ कागजों और भुगतान फाइलों में पूरे किए जा रहे हैं जबकि जमीन पर भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है
लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य सही तरीके से हुआ होता तो पुलिया पहली बारिश में नहीं बहती अब गांव में यह चर्चा तेज हो गई है कि विकास के नाम पर सरकारी राशि की खुली बंदरबांट की गई है ग्रामीणों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी गुस्साए ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है उनका कहना है कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो जनपद पंचायत से लेकर जिला मुख्यालय तक उग्र आंदोलन किया जाएगा ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में भ्रष्टाचार का ऐसा जाल फैला है जिसमें जनता की मेहनत की कमाई लूटकर अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों की तिजोरियां भरी जा रही हैं अब उठ रहे सबसे बड़े सवाल क्या पुलिया निर्माण में तकनीकी मापदंडों की अनदेखी की गई क्या घटिया सामग्री का उपयोग कर लाखों का घोटाला किया गया क्या बिना गुणवत्ता जांच के भुगतान जारी कर दिया गया क्या जिम्मेदार अधिकारियों ने आंख मूंदकर भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया और सबसे बड़ा सवाल क्या जनता की जान से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई होगी या मामला फाइलों में दबा दिया जाएगा ग्राम पंचायत खूंट की यह टूटी पुलिया अब सिर्फ एक निर्माण नहीं रही, बल्कि पूरे सिस्टम पर खड़ा एक बड़ा सवाल बन चुकी है पहली बारिश ने उस भ्रष्टाचार की परतें उधेड़ दी हैं जिसे अब तक विकास का नाम देकर छुपाया जा रहा था
Author: Dainik kesariya Hindustan
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