अखंड प्रताप सिंह की रिपोर्ट
शहडोल ।कहते हैं कि संकट के समय जब उम्मीद की सारी किरणें धुंधली पड़ जाती हैं, तब सफेद कोट पहने एक शख्स फरिश्ता बनकर सामने आता है। धनपुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉ. अभिषेक मिश्रा इन दिनों क्षेत्रवासियों के लिए कुछ ऐसा ही सहारा बन चुके हैं। अपने सेवा भाव, गजब के समर्पण और मरीजों के प्रति अटूट संवेदनशीलता के कारण वे आज हर जुबान पर छाए हुए हैं।
गंभीर बीमारियां हों, सड़क हादसे हों, या फिर नवजात शिशुओं और गर्भवती महिलाओं से जुड़े नाजुक मामले डॉ. मिश्रा का समय पर लिया गया सही फैसला और त्वरित इलाज अब तक दर्जनों जिंदगियों को नया जीवन दे चुका है।
*अपनों जैसा इलाज, दिन हो या रात*
अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि डॉ. मिश्रा के लिए कोई भी मरीज सिर्फ एक ‘केस’ नहीं होता, बल्कि वे हर व्यक्ति को अपने परिवार के सदस्य की तरह देखते हैं।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने उनके इस सेवा सफर की कुछ भावुक और सच्ची कहानियां साझा की हैं रातभर जागकर बचाई जान कारोबारी सुशील प्रजापति बताते हैं, जब हमारे परिवार पर अचानक एक बड़ा स्वास्थ्य संकट आया, तब डॉ. मिश्रा हमारे लिए ढाल बनकर खड़े हो गए। उन्होंने पूरी रात जागकर इलाज किया और हमारे करीबी को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया।
मासूम को मिला नया जीवन:
गृहिणी इशरत अंसारी के बच्चे की हालत बेहद नाजुक थी। उनके शब्दों में, डॉक्टर साहब ने जिस तत्परता से तत्काल इलाज शुरू किया, उसी का नतीजा है कि आज मेरा बच्चा सुरक्षित है। वे हमारे लिए किसी मसीहा से कम नहीं हैं।
गरीबों और असहायों का सहारा:
समाजसेवी अरविंद भारती ने कहा कि डॉ. मिश्रा ने कई ऐसे असहाय मरीजों का इलाज किया है, जिनका कोई नहीं था। वहीं कांग्रेस के बुढार ब्लॉक अध्यक्ष अंकित सिंह ने भी उनकी त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और कार्यशैली की जमकर तारीफ की..
नाजुक मामलों में बनते हैं उम्मीद की किरण
गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की देखरेख चिकित्सा जगत में सबसे चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। ग्राउंड लेवल पर काम करने वाली आशा कार्यकर्ता राफिया बानो ने बताया कई बार डिलीवरी के दौरान ऐसे जटिल मामले सामने आए जहाँ बड़ा हादसा हो सकता था, लेकिन डॉ. मिश्रा ने अपने गहरे अनुभव और मुस्तैदी से हर संकट को टाल दिया। वे कभी भी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटते..
सिर्फ डॉक्टर नहीं, संकट के साथी
आज धनपुरी और आसपास के पूरे क्षेत्र में डॉ. अभिषेक मिश्रा की सेवाओं की गूंज है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि डिग्रियां तो बहुतों के पास होती हैं, लेकिन मरीजों के दर्द को महसूस करने वाला दिल हर किसी के पास नहीं होता। डॉ. मिश्रा ने अपनी संवेदनशीलता से यह साबित कर दिया है कि वे केवल एक डॉक्टर नहीं, बल्कि मानवता के सच्चे सिपाही हैं।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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