नितिन जौहरी दैनिक केसरिया हिंदुस्तान
संस्कार से विमुख संतान अपने कुल को स्वर्ग से नरक में भेज देते हैं संस्कार के बिना मानव जीवन व्यर्थ आप आपकी संतान को संस्कार ज्ञान जरूर देना चाहे एक बार उसे मोटरसाइकिल कार नहीं दोगे तो वह एक दिन रोएगा और संस्कार नहीं दोगे तो वह जीवन भर रोएगा। उक्त उद्गार पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर रामनगर कॉलोनी ग्राम दोराहा सीहोर में चल रही श्री शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस कथा व्यास परम गौभक्त क्रांतिकारी राष्ट्रीय संत पंडित मोहितरामजी पाठक ने व्यक्त किए आज कथा के दौरान भगवान गणेश के जन्म की कथा का वर्णन करते हुए सनातन धर्म में 16 संस्कारों का महत्व बताया,सनातन धर्म में संस्कारों का बड़ा महत्व, हमारे यहां हर एक कार्य संस्कार एवं संस्कृति विधि विधान से किया जाता हैं सनातन धर्म में 16 संस्कार का वर्णन है इन्हीं संस्कारों की वजह से सनातन धर्म अनादि काल से चला रहा है
समय आने पर गणेश जी का प्राकट्य हुआ। उनका मुख हाथी के समान था और उनके एक हाथ में त्रिशूल तथा दूसरे में पाश था। देवताओं ने पुष्प-वृष्टि करते हुए गजानन के चरणों में बार-बार प्रणाम किया। हमारे घर में ही भगवान गणेश की तरह विवेकशील बुद्धिमान संतान तभी होगी जब हम उसे संस्कार देंगे,
Author: Dainik kesariya Hindustan
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