हरीश सोनी जिला संपादक केसरिया हिंदुस्तान
आलीराजपुर (जोबट)। जिले के जोबट शहर के समीप ग्राम कंदा में पिछले एक महीने से तेंदुए का खौफ इस कदर हावी है कि ग्रामीणों का जीना मुश्किल हो चुका है। पूरा इलाका दहशत मे है, लेकिन क्षेत्र की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले वन विभाग का सुस्त रवैया समझ से परे है। आलम यह है कि तेंदुआ आए दिन ग्रामीणों के मवेशियों को अपना शिकार बना रहा है, बुधवार देर रात भी शातिर तेंदुए ने एक बंधे हुए बकरे को अपना निवाला बना लिया, जिसने विभाग की मुस्तैदी की पोल खोलकर रख दी है।
*तेंदुए के बच्चे को पकड़कर पीठ थपथपा रहा वन विभाग*
ग्रामीणों के दबाव के बाद पिछले सप्ताह इंदौर और जोबट वन विभाग की संयुक्त टीम ने भारी मशक्कत के बाद पिंजरे में तेंदुए का एक बच्चा तो कैद कर लिया, लेकिन असली खतरा यानी ‘बड़ा तेंदुआ’ अब भी वन विभाग की पकड़ से कोसों दूर है। बच्चे के पकड़े जाने के बाद वन अमला अपनी पीठ थपथपाने में जुटा है, जबकि हकीकत यह है कि मुख्य शिकारी खुलेआम घूम रहा है।
एक महीना बीता, पिंजरे बदलने का खेल चलता रहा मैदानी स्तर पर कोई ठोस रणनीति नही
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक महीने से तेंदुए की मूवमेंट लगातार बनी हुई है। जोबट वन विभाग ने कई बार पिंजरे लगाए, लोकेशन बदली, लेकिन मैदानी स्तर पर कोई ठोस रणनीति नजर नहीं आई। एक महीने का लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी मुख्य तेंदुए को न पकड़ पाना वन विभाग की कार्यप्रणाली और उसकी ‘एक्सपर्ट’ टीम की काबिलियत पर बड़े सवाल खड़े करता है।
ज्यादा गर्मी के कारण आबादी की ओर रुख
जानकारों के मुताबिक, भीषण गर्मी के कारण पानी और शिकार की तलाश में तेंदुए ने इस ग्रामीण क्षेत्र में अपना डेरा जमा लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अब अपने घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। एक ग्रामीण ने गुस्से में कहा
वन विभाग को कोई बडी घटना घटने का इंतजार है। अब देखना यह है कि ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ाने वाले इस तेंदुए को वन विभाग कब तक पिंजरे में कैद कर पाता है या फिर ग्रामीण इसी तरह तेंदुए के खौफ और वन विभाग की नाकामी के बीच पिसते रहेंगे।
Author: Dainik kesariya Hindustan
सिर्फ खबरों से संबंधित ही संपर्क करें सम्पादक अशोक सोनी 9009601101 जुड़ने के लिए सम्पर्क करे प्रबंधक उजाला 8602385387 खबरों के लिए सम्पर्क करे दीपेश माहौर 8463846949







