पांचवें वित्त में ऊर्जा विभाग की फर्जी टीएस का खेल पंचायतों में मचा हड़कंप
दैनिक केसरिया हिंदुस्तान जिला सिवनी
दैनिक केसरिया हिंदुस्तान सिवनी जिले की पंचायतों में पांचवें वित्त मद से लगाए गए सोलर पैनल और स्ट्रीट लाइट कार्यों में अब तक का सबसे बड़ा घोटाला सामने आने की चर्चा तेज हो गई है केवलारी बरघाट घंसौर और लखनादौन क्षेत्र की पंचायतों में कथित तौर पर 80 हजार रुपये कीमत के सोलर पैनलों के नाम पर 3 लाख 50 हजार रुपये तक के फर्जी बिललगाकर करोड़ों रुपये की बंदरबांट किए जाने के आरोप लगे हैं सूत्रों के मुताबिक पंचायतों में ऊर्जा विभाग की कथित फर्जी तकनीकी स्वीकृति टीएस लगाकर एमके टेकफर्म सहित अन्य फर्मों के नाम से भुगतान निकाले गए आरोप है कि इस पूरे खेल में पंचायत स्तर से लेकर तकनीकी अधिकारियों तक की सांठगांठ रही और पांचवें वित्त की राशि को खुलकर लूटा गया पति चला रहा फर्म पत्नी सरपंच पंचायत बनी कमाई का अड्डा घोटाले को लेकर सबसे बड़ा आरोप यह लगाया जा रहा है कि कुछपंचायतों में सरपंच पद पर बैठी महिलाओं के पीछे उनके परिजन और कथित ठेकेदार पूरे वित्तीय खेल को संचालित कर रहे हैं आरोप है कि गजेंद्र देशमुख नामक व्यक्ति अपनी ही फर्म के फर्जी बिल पंचायतों में लगवाकर लाखों रुपये का भुगतान निकाल रहा है स्थानीय लोगों का कहना है कि सरपंच सिर्फ नाम की हैं असली खेल जेठ और परिजन मिलकर चला रहे हैं कई पंचायतों में बिना गुणवत्ता और बिना वास्तविक कार्य के भुगतान निकालने के आरोपों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं फर्जी टीएस और फर्जी बिलों से करोड़ों की हेराफेरी सूत्रों के अनुसार पंचायतों में लगाए गए सोलर पैनलों की वास्तविक लागत और भुगतान राशि में भारी अंतर पाया जा रहा है आरोप है कि तकनीकी स्वीकृति देने वाले अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है अब मांग उठ रही है कि यह जांच की जाए कि आखिर किस अधिकारी ने इन कार्यों को तकनीकी मंजूरी दी और किस आधार पर करोड़ों के बिल पास हुए 20 पंचायतें जांच के घेरे में केवलारी क्षेत्र की लगभग 20 पंचायतों के दस्तावेज और बिल अब सवालों के घेरे में बताए जा रहे हैं ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सिवनी कलेक्टर से उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर पूरे मामले की वित्तीय और तकनीकी जांच कराने की मांग की है जेल के पीछे होंगे घोटालेबाज जिले में चर्चा है कि यदि निष्पक्ष जांच हुई तो पंचायतों से लेकर विभागीय दफ्तरों तक कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं फर्जी बिल फर्जी टीएस और भुगतान की परतें खुलीं तो करोड़ों के इस कथित घोटाले में कई जिम्मेदार लोगों पर एफआईआर और गिरफ्तारी तक की नौबत आ सकती है ग्रामीणों की मांग उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन फर्जी टीएस जारी करने वालों पर कार्रवाई पंचायतों के भुगतान और आहरण की जांच संबंधितअधिकारियों और फर्मों की संपत्ति जांच दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने की मांग अब सबसे बड़ा सवाल यही है सिवनी में 4 करोड़ का सोलर घोटाला क्या अब गिरेगी भ्रष्टाचारियों पर गाज पांचवें वित्त में ऊर्जा विभाग की फर्जी टीएस का खेल पंचायतों में मचा हड़कंप सिवनी बरघाट केवलारी घंसौर लखनादौन क्या सिवनी कलेक्टर इस करोड़ों के कथित सोलर घोटाले पर बड़ी कार्रवाई करेंगी या फिर फाइलों में दब जाएगा पूरा मामला
Author: Dainik kesariya Hindustan
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