सांदीपनि विद्यालय में ग्रीष्मकालीन खेलों के समर कैम्प का समापन समर कैम्प- कला, कौशल और समाज के संगम की त्रिवेणी : प्राचार्य महेश रावत

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दैनिक केसरिया हिंदुस्तान पलेरा से संवाददाता अटल यादव पत्रकार

पलेरा (टीकमगढ़). नगर के सांदीपनि शा. उत्कृष्ट उ. मा. विद्यालय में, विगत तीन सप्ताह से बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के उद्देश्य से चल रहे ग्रीष्मकालीन खेलों के समर कैम्प 2026 का समापन, समारोह पूर्वक किया गया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में रमपुरा प्राचार्य पीडी कटारे, सांगानेर शिक्षण संस्थान जयपुर से शास्त्री रोहित जैन सहित अनेक अभिभावक उपस्थित रहे. कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ शारदे के पूजन से किया गया. तत्पश्चात आराध्या मिश्रा और नित्या नायक नें सरस्वती वंदना प्रस्तुत की,बहुविषयक दृष्टिकोण पर आधारित समर कैम्प में बच्चों नें प्रतिदिन विविध थीमों के अंतर्गत गतिविधियों में भाग लेकर गीत, कविता, कहानी लेखन एवं सस्वर वाचन जैसे रचनात्मक कौशल का विकास किया गया, साथ ही शारीरिक विकास के लिए विभिन्न योग आसनों व खेलकूद की रोचक एवं मनोरंजक गतिविधियां कराई गई. समापन अवसर पर बच्चों द्वारा सीखी हुई कलाओं की शानदार प्रस्तुतियाँ दी गयी. विद्यार्थियों द्वारा साहित्यिक अभिव्यक्ति के रंग थीम अंतर्गत बनायी गयी आर्ट, ड्राइंग, पेंटिंग एवं पोस्टरों का अभिभावकों के समक्ष प्रदर्शन भी किया गया. सभी नें समर कैम्प के दौरान विद्यार्थियों में हुए व्यक्तित्व और कौशल विकास को परखा और समर कैम्प के सफल आयोजन पर संस्था प्रमुख महेश रावत के नेतृत्व और विषय विशेषज्ञ रामकुमार नायक, अनिल कुमार मिश्रा, राजेन्द्र कुमार जैन, प्रियंका खटीक के प्रयासों की खुलकर प्रशंसा की. समर कैम्प मुख्यतः सीखें, सृजन करें एवं समाज से जुड़ने और अपने विचारों को अभिव्यक्त करने की अवधारणा पर आधारित था. इस अवसर अपने उद्बोधन में संस्था प्राचार्य महेश रावत नें कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए, उनकी अंतर्निहित प्रतिभाओं को पहचानने और अवसर प्रदान करते का काम करते हैं. समर कैम्प कला, कौशल और समाज के संगम की त्रिवेणी है, जहाँ बच्चों को सीखने के आनंददायी अवसर मिलते है. रोहित जैन ने एक कहानी के माध्यम से सकारात्मक दृष्टिकोण बनाने का संदेश दिया. प्राथमिक खण्ड लीडर रामकुमार नायक नें बच्चों को समय का सदुपयोग करते हुए नये नये कौशल विकास करते रहनें एवं कैम्प के दौरान सिखायी गयी योगासनों और चित्रकला को जीवनचर्या में शामिल करने की सलाह दी,गफ्फार खान नें कहा कि खेलों से हम जीवन में सहयोग, अनुशासन, रणनीति निर्माण, शारीरिक सक्रियता और सांस्कृतिक जुड़ाव करना सीखते है.
अतिथियों, अभिभावकों और शिक्षकों द्वारा सभी समर कैम्प प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके हुनर को प्रोत्साहित किया गया. इस अवसर पर शिक्षक राजीव जैन, रामसिंह राजपूत, राजीव नामदेव, अल्का तिवारी एवं देवेन्द्र नायक, दुर्गा प्रसाद चौरसिया सहित अनेक अभिभावक उपस्थित रहे.

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Author: Dainik kesariya Hindustan

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