वसुधरी धाम में 1.27 करोड़ से चमकेगी ऋषि वेदव्यास की पावन जन्मभूमि – सनातन संस्कृति और पौराणिक विरासतों को वैश्विक पहचान दिला रही उत्तर प्रदेश सरकार

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बांदा। सनातन संस्कृति और पौराणिक विरासतों को वैश्विक पहचान दिलाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने बांदा जिले को एक और बड़ी सौगात दी है। जिले के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व वाले वसुधरी धाम का 1.27 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से कायाकल्प किया जा रहा है। यह पावन स्थल महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास की जन्मस्थली के रूप में पूजनीय है। जिसे अब एक भव्य पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
जल्द पूरा होगा विकास कार्य, समय सीमा तय
बांदा में महर्षि वेदव्यास की जन्मस्थली पैलानी तहसील के अंतर्गत वसुधरी (लसड़ा) गांव में यमुना नदी के तट पर स्थित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यहीं पर ऋषि पराशर और देवी सत्यवती का मिलन हुआ था। जिसके बाद इसी क्षेत्र के एक द्वीप पर वेदव्यास का जन्म हुआ था। महर्षि वेदव्यास की जन्मस्थली वसुधरी को योगी सरकार की मंशा के अनुरूप यूपी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड इस भव्य पर्यटन विकास कार्य को धरातल पर उतारने में पूरी ताकत से जुटा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का जीर्णोद्धार कार्य पिछले साल 28 मई 2025 को शुरू हुआ था। शासन के कड़े निर्देशों के क्रम में 28 मई 2026 तक कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
वैश्विक पटल पर चमकेगा बांदा का सांस्कृतिक गौरव
क्षेत्र के नागरिकों और संतों ने योगी सरकार के इस ऐतिहासिक कदम की खूब प्रशंसा की है। स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग के लोगों का कहना है कि दशकों से यह स्थान उपेक्षित पड़ा था जिसकी योगी सरकार ने सुध ली है और उपेक्षित पड़े इस पावन धाम की सुध लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न केवल बुंदेलखंड के गौरव को बढ़ाया है बल्कि सनातन संस्कृति के संरक्षण का एक अनुपम उदाहरण पेश किया है। बरहाल इस परियोजना के पूरे होने से बांदा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर उभरेगा। जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

Dainik kesariya Hindustan
Author: Dainik kesariya Hindustan

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