दैनिक केसरिया हिंदुस्तान मह बैरागी रिपोर्टर
कुरवाई- रोशनाई पिपरिया उपार्जन केंद्र मेनखेड़ी में किसान तीन दिन से परेशान व्यक्ति आत्मदाह करने को किसान। उपार्जन केंद्र पर छात्रों को साफ-साफ नजारा देखने को मिला। किसान फसल की ट्रॉली लेकर तीन दिन से लंबी कतारों में लीज के बाद भी फसल की तुलाई नहीं हो पा रही है | वीरपुर के किसान रामबाबू रिछारिया जो हृदय रोग से पीड़ित हैं, उन्होंने बताया कि वे तीन दिन से तुलाई के लिए लाइन में लगे हुए हैं। उनके चने को खराब इलेक्ट्रिक रिजेक्ट किया जा रहा है जबकि ऐसे ही लेवल के चने की पहली रिलीज है | किसान का कहना है कि अगर मेरे चने की तुलाई नहीं हुई तो मैं आत्मदाह करने के लिए किसान हो गया | वहीं एक अन्य किसान ने बताया कि उन्हें भीषण गर्मी में 3000 रुपये प्रति एकड़ की फसल और प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिल रही है। अब सवाल है कि ऐसी भीषण गर्मी में किसानों की मदद के लिए प्रशासन क्या उपाय करे और कब करे। हमारे द्वारा नामित कुरवाई को केस से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि किसान का पंचनामा बनाओ यह बात दूर रहने वाले किसान रामबाबू रिचर्डसन ने कहा कि चना की तुलाई की खातिर जब किसान ने कहा कि मैं तीन दिन से अब या तो तुलाई या फिर आत्महत्या कर लूंगा। किसानों को दर्शन देने की जगह पंचनामा बनाने की बात दिल से की गई अपील किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इस बात को लेकर किसानों की शर्तें है।







