दैनिक केसरिया, हिन्दुस्तान जिला ब्यूरो मुकेश कुमार सुपौल
बीरपुर (सुपौल): भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी (SSB) की 45वीं वाहिनी ने मानव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क पर प्रहार करते हुए 8 नाबालिग बच्चों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। भीमनगर चेक पोस्ट पर चलाए गए इस रेस्क्यू ऑपरेशन में एसएसबी के जवानों ने दो नेपाली तस्करों को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
जांच के दौरान पकड़े गए तस्कर
45वीं वाहिनी के कमांडेंट गौरव सिंह के निर्देशानुसार, सीमा क्षेत्र में तस्करी रोकने के लिए सघन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान भीमनगर चेक पोस्ट पर तैनात जवानों ने 8 बच्चों के साथ दो संदिग्ध युवकों को भारत से नेपाल की ओर जाते देखा। पूछताछ शुरू हुई तो युवक घबरा गए और विरोधाभासी बयान देने लगे। जब वे बच्चों से संबंधित कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके, तो एसएसबी ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
बाल श्रम का घिनौना खेल
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि ये तस्कर बच्चों को बेहतर जिंदगी या घूमने का लालच देकर उनके परिजनों को गुमराह करते थे।
मोडस ऑपेरंडी: तस्कर बच्चों को पहले नेपाल से भारत लाए थे, जहां उनसे विभिन्न स्थानों पर अवैध रूप से बाल श्रम कराया गया।
वापसी का जाल: काम कराने के बाद आरोपी इन मासूमों को वापस नेपाल ले जा रहे थे।
गिरफ्तार आरोपी: पकड़े गए तस्करों की पहचान नेपाल के सुनसरी जिले के निवासी सुंदर सादा और उमेश ऋषिदेव (38) के रूप में हुई है।
”सीमावर्ती इलाकों में मानव तस्करी के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।”
— गौरव सिंह, कमांडेंट (45वीं वाहिनी, एसएसबी)
नेपाल पुलिस को सौंपे गए बच्चे
एसएसबी की ‘मानव तस्करी रोधी इकाई’ (AHTU) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों को सुरक्षित रूप से नेपाल प्रहरी, भानटावारी (जिला-सुनसरी) के हवाले कर दिया गया है।
इस सफल कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सीमा पर एसएसबी न केवल देश की सुरक्षा, बल्कि सामाजिक अपराधों के खिलाफ भी मजबूती से खड़ी है।
Author: Dainik kesariya Hindustan
सिर्फ खबरों से संबंधित ही संपर्क करें सम्पादक अशोक सोनी 9009601101 जुड़ने के लिए सम्पर्क करे प्रबंधक उजाला 8602385387 खबरों के लिए सम्पर्क करे दीपेश माहौर 8463846949







