दिलीप वर्मा।
दैनिक केसरिया हिंदुस्तान
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तिल्दा के समीपस्थ एक गांव में एक मासूम दरिंदगी की शिकार हो गई, मासूम के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने वाले आरोपी को नेवरा पुलिस ने तत्परता के साथ पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज तो दिया लेकिन इस घटना के बाद कई तरह के सवाल भी उठ खड़े हुए हैं।
घटना बुधवार रात्रि की है जहां घटना के बाद से कई लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जाकर दुष्कर्म पीड़िता नाबालिक की पहचान उजागर करने की अपराधिक कोशिश की है, कुछ लोगों ने घटना के बाद से गुरुवार दोपहर शाम तक सोशल मीडिया के माध्यम से मासूम की पहचान उजागर करने की कोशिश की,
जो कि सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइनों की खुला खुला उल्लंघन है।
बता दें लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत ऐसे मामलों में नाबालिग की पहचान उजागर की जाती है तो कड़े कानूनी प्रावधानो सहित सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन का भी खुला उल्लंघन है।
लेकिन आज के इस सोशल मीडिया के जमाने में कई लोगों द्वारा अपना नाम कमाने सारे नियमों कानूनों को ताक में रखकर मासूम की फोटो/ चित्रण तैयार कर उसकी पहचान उजागर की कोशिश की गई।
नेवरा थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी ने इस गम्भीर मामले को देखते हुए सामने जाकर अपील करना पड़ा कि यह एक दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है इस तरह का कृत्य ना करें वरना कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया से नाबालिक की पहचान डिलीट की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नेवरा पुलिस ने काफी एतिहात बरती है,साथ ही सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी भी रखी गई ।
परन्तु अब सवाल यह भी उठ रहा है की क्या अब पुलिस ऐसे लोगों की पहचान कर कड़ी कानूनी कार्यवाही करेगी।
इधर कानूनी जानकारों ने कहा कि ऐसे मामलों पर पुलिस को शक्ति बरतनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो पाए।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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