मुरैना में जन्में ज्ञानसागर का 70वां अवतरण दिवस 01 मई को मनाया जाएगा

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दैनिक केसरिया हिंदुस्तान पंकज जैन

अंबाह । जैन समाज अंबाह द्वारा दिगम्बराचार्य जैन संत सराकोद्धारक समाधिस्थ आचार्यश्री ज्ञानसागरजी महाराज का 70 वां अवतरण दिवस समारोह 01 मई को अंबाह नगर में
अम्बाह में विराजमान पाठशाला तीर्थ प्रेरणा दायक बाल मुनि के अनुकरण सागर महाराज जी के सानिध्य में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा परम पूज्य समाधिस्थ जैन संत आचार्य श्री 108 ज्ञानसागर जी महाराज की जयंती के पावन अवसर पर 01 मई को परेड चौराहा अंबाह पर भव्य भंडारा एवं धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। समाधिस्थ आचार्यश्री ज्ञानसागर महाराज का परिचय मुरैना की पावन धरा पर जैसवाल जैन उपरोचियां समाज के श्रावक श्रेष्ठी श्री शांतिलाल अशर्फी देवी जैन (बिचपुरी वाले) के यहां वैशाख शुक्ल पूर्णिमा 01 मई 1957 को बालक उमेश का जन्म हुआ था । बालक उमेश ने 18 बर्ष की अल्पायु में गृह त्याग के साथ ब्रह्मचर्य व्रत स्वीकार कर संयम के मार्ग पर चलने का दृढ़ संकल्प लिया । बालक उमेश ने भगवान महावीर जन्म कल्याणक के अवसर पर दान 1988 में श्री सिद्धक्षेत्र सोनागिर जी ने मासोपवासी आचार्यश्री सुमति सागरजी महाराज से मुनि दीक्षा लेकर आत्मकल्याण का मार्ग स्वीकार किया । दीक्षा उपरांत आपने संपूर्ण भारतवर्ष में सत्य, अहिंसा, शाकाहार का प्रचार प्रसार कर जन मानस को संयम पथ का पाठ सिखाया । आप उपाध्याय एवं आचार्य पद पर आसीन होकर छाणी परंपरा में षष्ठ पट्टाचार्य हुए और भगवान महावीर स्वामी निर्वाण कल्याणक पर अतिशय क्षेत्र वाराँ राजस्थान में समाधि पूर्वक देवलोक गमन किया । पूज्य आचार्य ज्ञानसागर जी की प्रेरणा से विभिन्न स्थानों पर नवीन जिनालय, विद्यालय, पाठशाला, गुरुकुल के निर्माण के साथ साथ पुराने तीर्थों का जीर्णोद्धार के कार्य हुए । मुरैना नगर में ए बी रोड हाइवे पर स्थित ज्ञानतीर्थ जिनालय का निर्माण भी पूज्य आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज के आशीर्वाद एवं प्रेरणा से ही हुआ है ।

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Author: Dainik kesariya Hindustan

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