गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश आज की बड़ी खबर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से, जहां परम सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने अपने सतसंग में जीवन, कर्म और मृत्यु के बाद मिलने वाली सजा को लेकर गहन संदेश दिया।
महाराज जी ने कहा कि यह मनुष्य शरीर एक किराए का मकान है, जिसे एक दिन हर किसी को छोड़ना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि इस शरीर का असली मालिक जब चाहे इसे खाली करा सकता है और उसके बाद इंसान के अच्छे-बुरे कर्मों का पूरा हिसाब होता है।
उन्होंने आगे कहा कि इस संसार में भले ही इन्सान अपने गलत कामों से बच जाए पैसे, सिफारिश या कानून के सहारे लेकिन यम की अदालत में किसी प्रकार की माफी नहीं मिलती। वहां हर कर्म का न्याय सख्ती से होता है। पाप करने वाले जीवों को नर्क में कठोर सजा भुगतनी पड़ती है। वहां लंबे समय तक कष्ट सहना पड़ता है।
नर्क से निकलने के बाद जीव को चौरासी लाख योनियों में भटकना पड़ता है, जहां हर समय जीवन खतरे में रहता है। मां के गर्भ में नौ महीने तक कष्ट सहने के बाद बड़ी कठिनाइयों से ही मनुष्य जन्म मिलता है।
इसलिए इस अनमोल जीवन को व्यर्थ न गंवाएं और एक सच्चे गुरु की शरण लेकर जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति पाने का प्रयास करें।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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