पृथ्वी बचाने, हरा-भरा बनाने की अपील करने नगर के बच्चे उतरे रैम्प पर

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दैनिक केसरिया हिंदुस्तान पंकज जैन

आचार्य आनंद क्लब द्वारा पृथ्वी बचाओ जागरूकता कार्यक्रम)
अम्बाह। विश्व पृथ्वी दिवस पर आचार्य आनंद क्लब द्वारा नगर के नन्हें-मुन्ने बच्चों और महिलाओं के माध्यम से पृथ्वी को हरा भरा बनाने और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध उपयोग से बचाने की अपील करते हुए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. समाजसेवी सुधीर आचार्य के संयोजन में हुए कार्यक्रम में नन्हें मुन्ने बच्चे हाथों में तख्ती लेकर रैंप पर उतरे और पृथ्वी बचाने की अपील की. इसी तरह महिलाओं द्वारा भी सामूहिक अपील करते हुए कहा कि यह दिन कोई त्योहार नहीं, एक चेतावनी को समझने का अवसर है। जो हमें बताया और दिखाता है कि हमने अपनी धरती के साथ क्या किया है. समाजसेवी सुधीर आचार्य ने कहा कि । जिस धरती ने हमें जन्म दिया, हवा दी, पानी दिया, अन्न दिया, विविधताओं से परिपूर्ण फूल, पत्ती, जड़ी-बूटी,फल आदि दिए,क्या हम उसके सच्चे बेटे-बेटी बन पाए? पेड़ काटकर हमने मकान तो बना लिए, पर अपनी ही सांसें छोटी कर लीं। नदियों को गंदा करके हमने विकास तो किया, पर अपनी ही प्यास बढ़ा ली। प्लास्टिक की थैली ने सुविधा तो दी, पर आने वाली पीढ़ी का स्वास्थ्य छीन लिया। यह दिवस चिंतन,मंथन और पृथ्वी के प्रति अपना कार्य व्यवहार बदलने का संकल्प लेने का है. हम छोटे छोटे प्रयास करें जैसे अपनी पानी की बोतल साथ रखें, प्लास्टिक छोड़ें। बिजली का स्विच बंद करो जब कमरे में कोई न हो। एक पेड़ लगाओ और उसे अपना दोस्त मानो प्रकृति को हमारी ज़रूरत नहीं, हमें प्रकृति की ज़रूरत है। हम चले जाएँगे तो धरती 100 साल में फिर हरी हो जाएगी। पर धरती चली गई तो हम एक दिन भी नहीं टिकेंगे। इसलिए उपयोग करो, उपभोग नहीं । आचार्य ने बच्चों को समझाते हुए कहा कि ये धरती हमारे दादा-परदादा से हमें विरासत में मिली थी। क्या हम इसे कचरे का ढेर बनाकर अपने बच्चों को सौंपेंगे? नहीं। हमें इसे और सुंदर बनाकर देना है। यही हमारा धर्म है. अंत में प्राचार्य डॉ प्रगति शर्मा ने तीन संकल्प दिलाए.
आज से सिंगल यूज़ प्लास्टिक कहें ना। हर जन्मदिन और शादी की सालगिरह एवं यादगार मौकों पर एक पेड़ अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल करें । महीने में एक दिन,1 घंटा – अपनी गली, अपना मोहल्ला साफ़ स्वच्छ करने में मदद करें। अंत में आचार्य ने कविता के माध्यम से संदेश दिया।
न काटो इसे, ये देती है साँसें न गंदा करो, ये देती है आसें। संभालो इसे, ये माँ है हमारी, बचा लो इसे, ये जान है तुम्हारी। ‌कार्यक्रम में आचार्य आनंद क्लब के पदाधिकारी एवं घरेलू महिलाएं भी उपस्थित रहीं. संचालन जिला सम्पर्क समन्वयक बालकृष्ण शर्मा ने और आभार अरविन्द मावई ने तथा प्रबंधन सहयोग मास्टर ट्रेनर विश्वनाथ गुर्जर ने किया.

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Author: Dainik kesariya Hindustan

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