दैनिक केसरिया हिंदुस्तान
दिव्यांश प्रताप सिंह
खागा फतेहपुर ऐरायाँ विकास खंड के थाना सुल्तानपुर घोष क्षेत्र स्थित राजस्व ग्राम मोहम्मदपुर गौती में चकबंदी व्यवस्था एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। वर्ष 1989 से चकबंदी के अधीन चल रहे इस राजस्व गांव में भूमि विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 36 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण लगभग 28 गांवों के किसान आए दिन जमीन संबंधी विवादों का सामना कर रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि चकबंदी की लंबी प्रक्रिया का फायदा उठाकर कुछ लोग फर्जी तरीके से भूमि का क्रय-विक्रय और कब्जे का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि गांव में “जिसकी लाठी उसकी भैंस” जैसी स्थिति बनी हुई है, जिससे वास्तविक भूमिधरों को न्याय मिलने में कठिनाई हो रही है।
इसी क्रम में मोहम्मदपुर गौती निवासी एखलाक अहमद समेत अन्य लोगों ने चकबंदी अधिकारी (सीओ) को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि दावतपुर स्थित गाटा संख्या 5172 को गांव के ही मुजीर अहमद पुत्र अमीनुद्दीन ने कथित रूप से फर्जी तरीके से हैदर अली के नाम बेच दिया, जबकि बंदोबस्त की खतौनी में उक्त गाटा संख्या पर विक्रेता का नाम दर्ज ही नहीं है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इसके बावजूद संबंधित भूमि पर निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए चकबंदी विभाग के एसीओ एवं सीओ ने तत्काल निर्माण कार्य रुकवा दिया है। अधिकारियों ने जांच पूरी होने तक संबंधित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण न करने के निर्देश दिए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गांव में एक बार फिर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि चकबंदी से जुड़े पुराने मामलों का शीघ्र निस्तारण नहीं किया गया तो भूमि विवाद और बढ़ सकते हैं। अब सभी की निगाहें चकबंदी विभाग की जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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