हरीश कुमार पांडे/ जिला ब्यूरो
बूंदीभूड़ गांव में शराब की दुकान खोले जाने को लेकर शुरू हुआ विरोध अब बड़े कानूनी विवाद में बदल गया है। प्रशासनिक टीम और पुलिसकर्मियों पर हमले के आरोप में पुलिस ने 58 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। घटना के बाद गांव में पुलिस चौकसी बढ़ा दी गई है और माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। बताया जा रहा है कि ई-लॉटरी के माध्यम से आवंटित देशी और कंपोजिट शराब की दुकान खुलवाने के लिए आबकारी विभाग और प्रशासन की टीम गांव पहुंची थी। दुकान खुलने की खबर मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर एकत्र हो गई। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया और महिलाएं भी बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल हो गईं। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने शराब की पेटियां और बीयर की केन सड़क पर फेंक दीं और उन्हें तोड़ दिया। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब प्रशासनिक टीम पर पथराव शुरू हो गया। इस हंगामे में तहसीलदार वीरेंद्र कुमार घायल हो गए, जबकि चौकी प्रभारी सैफ खान के पैर में फ्रैक्चर आने की जानकारी सामने आई है। उपद्रव के दौरान सरकारी बस और दो बोलेरो वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। आबकारी विभाग की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने 43 लोगों को नामजद करते हुए 15 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है। दर्ज रिपोर्ट में कई महिलाएं भी आरोपी बनाई गई हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना प्रभारी अशोक पाल ने बताया कि घटनास्थल के वीडियो और फोटो खंगाले जा रहे हैं। साक्ष्यों के आधार पर अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। गांव में फिलहाल अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर निगरानी रखी जा रही है, ताकि दोबारा कोई विवाद न हो।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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