दैनिक केसरिया हिंदुस्तान जिला ब्यूरो लोकेंद्र सोलंकी भितरवार
ओटी शुरू होते ही पहला ऑपरेशन बना विवाद का कारण, 6 दिन बाद हालत गंभीर—डॉक्टरों पर अनदेखी के आरोप
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भितरवार में हाल ही में शुरू हुई ऑपरेशन थिएटर (ओटी) सेवा अब सवालों के घेरे में आ गई है। ओटी के शुभारंभ के साथ ही हतेंडा (जिला शिवपुरी) निवासी 27 वर्षीय गर्भवती महिला कल्पना पत्नी किशन सिंह का पहला प्रसव ऑपरेशन के जरिए किया गया था, लेकिन यही ऑपरेशन अब गंभीर विवाद की वजह बन गया है।
प्रसूता के पति किशन सिंह ने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ऑपरेशन के छह दिन बाद उनकी पत्नी की हालत अचानक बिगड़ गई, तेज बुखार और गंभीर कमजोरी के बावजूद अस्पताल में न तो महिला डॉक्टर रात में देखने आईं और न ही कोई इमरजेंसी मेडिसिन ड्यूटी डॉक्टर। डॉक्टर पहुंचे तो एक घंटा देरी से
जबकि डॉक्टर का कहना है कि मैं 10 मिनट के बात पहुंच गया था
पीड़ित पति का आरोप है कि “दिन में सिर्फ औपचारिकता निभाने मैडम आ जाती थीं, लेकिन रात में मेरी पत्नी को देखने कोई नहीं आया। हालत बिगड़ती रही, लेकिन डॉक्टरों ने ग्वालियर रेफर तक नहीं किया।”
बताया जा रहा है कि जब स्थिति ज्यादा गंभीर हो गई, तो मजबूर होकर पति अपनी पत्नी को बिना किसी आधिकारिक रेफरल के खुद ही ग्वालियर लेकर रवाना हुआ।
घटना के दौरान अस्पताल परिसर में हंगामा भी देखने को मिला। पत्नी की हालत को लेकर आक्रोशित पति ने डॉक्टरों पर गालियां बरसाईं और गुस्से में डॉक्टरों के पीछे-पीछे भागता नजर आया। महिला के पति ने हॉस्पिटल में की तोड़ फोड, अस्पताल में यह दृश्य अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर गया।
यह घटना न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को आज भी समय पर और जिम्मेदार इलाज नहीं मिल पा रहा है।
सिस्टर ने महिला चिकित्सक को 10 बार कॉल किया फिर भी नहीं पहुंची मैडम
अब बड़ा सवाल
क्या भितरवार अस्पताल में शुरू हुई नई ओटी सुविधा मरीजों के लिए राहत बनेगी या लापरवाही का नया केंद्र?
(जांच और कार्रवाई का इंतजार)
Author: Dainik kesariya Hindustan
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