ड्रीम इंडिया फर्म के जरिए बहरीमऊ में लाखों का खेल

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सीतापुर (कसमण्डा)। विकास खण्ड कसमण्डा की ग्राम पंचायत बहरीमऊ इन दिनों गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते सुर्खियों में है। ग्रामीणों व सूत्रों के अनुसार, पंचायत के प्रधान और सचिव पर ग्राम निधि में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी कर सरकारी धनराशि के दुरुपयोग का आरोप है।जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत में दस्तावेजों पर विकास कार्यों को दिखाया गया है, लेकिन जमीन पर अधिकांश कार्य नदारद मिले हैं। आरोप है कि प्रधान व सचिव ने ड्रीम इंडिया इंटरप्राइजेज नामक फर्म के संचालक से मिलीभगत कर कागजों में ही कार्य दर्शाते हुए लाखों रुपये के भुगतान कर दिए।मामले में एक बड़ा खुलासा यह भी सामने आया है कि फर्म संचालक द्वारा प्रधान व सचिव को कथित रूप से फर्जी बिल बुक उपलब्ध कराई जाती है। बताया जा रहा है कि ड्रीम इंडिया इंटरप्राइजेज के बिलों पर पता सिधौली का अंकित है, जबकि सेल टैक्स विभाग के अभिलेखों में फर्म का पता लखनऊ के फैजुल्लागंज क्षेत्र का दर्ज है, जिससे पूरे मामले में संदेह और गहरा गया है।सूत्रों के अनुसार, अप्रैल माह में प्रधान व सचिव द्वारा इस फर्म के माध्यम से लाखों रुपये के फर्जी बिलों के आधार पर भुगतान किया गया। इतना ही नहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 शुरू हो जाने के बावजूद फर्म द्वारा अभी भी 2025-26 की पुरानी बिल बुक का उपयोग किया जा रहा है।बिलों में गड़बड़ी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 9 अप्रैल को बिल संख्या 103 पर सामग्री आपूर्ति दिखाई गई है, जबकि उससे एक दिन पहले यानी 8 अप्रैल को बिल संख्या 650 पर भुगतान दर्शाया गया है, जो बिल क्रमांक के हिसाब से असंगत प्रतीत होता है और संभावित फर्जीवाड़े की ओर इशारा करता है।
बॉक्स – 26 साल से एक ही ब्लॉक में तैनात सचिव ओमप्रकाश जायसवाल-सुनील राजवंशी
सीतापुर। जनपद के विकास खण्ड बेहटा में तैनात सचिव ओमप्रकाश जायसवाल पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सुनील राजवंशी प्रदेश उपाध्यक्ष सुभासपा ने बताया कि सचिव ओमप्रकाश जायसवाल की पिछले 26 वर्षों से एक ही ब्लॉक बेहटा में लगातार तैनाती स्वयं में बड़े सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सचिव कई बार अपना स्थानांतरण अन्य विकास खंडों में करवाकर कुछ ही दिनों में फिर से बेहटा में वापसी कर लेते हैं। इस प्रक्रिया का उपयोग कागजी खानापूर्ति और अनियमितताओं को छिपाने के लिए किया जाता रहा है।सुनील राजवंशी ने यह भी आरोप लगाया कि बेहटा में लंबी तैनाती के दौरान सचिव ने अकूत संपत्ति अर्जित की है, जिसकी जांच आवश्यक है। उनके अनुसार, सीतापुर से लेकर लखनऊ तक सचिव से जुड़ी कई संपत्तियाँ बताई जा रही हैं, जो गंभीर संदेह पैदा करती हैं और आय से अधिक संपत्ति की ओर संकेत करती हैं।उन्होंने कहा कि यह पूरा प्रकरण अत्यंत गंभीर है और क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करता है।सुनील राजवंशी ने स्पष्ट कहा कि“मैं इस मामले में जल्द ही जिलाधिकारी को विस्तृत शिकायत पत्र सौंपकर पूरे घोटाले से अवगत कराऊँगा और भ्रष्टाचार में लिप्त सचिव के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करूंगा। श्री राजवंशी ने यह भी कहा कि जनता के धन का दुरुपयोग किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा, और वे इस प्रकरण में निष्पक्ष जांच करवाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे।

Dainik kesariya Hindustan
Author: Dainik kesariya Hindustan

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