इंदिरा गांधी परियोजना पुनासा जीरभार की 1 और 2 माइनर नहर हुई क्षतिग्रस्त अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान

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संवादाता दिलीप बिरला

सनावद। इंदिरा गांधी परियोजना पुनासा की माइनर नहर जीरभार-1 ( बालियां, अम्बा से लाछोरा, जीरभार तक) तथा जीरभार-2 में किसानों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के किसानों के अनुसार नहरों में जगह-जगह सीपेज की समस्या बनी हुई है, जिससे पानी खेतों में फैलकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। कई स्थानों पर नहर की दीवारें टूट चुकी हैं, जिससे पानी का बहाव अनियंत्रित हो जाता है और आसपास की जमीन दलदली बन रही है। इससे न केवल खेती प्रभावित हो रही है, बल्कि किसानों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है।
स्थिति इतनी गंभीर है कि कुछ स्थानों पर नहर का अस्तित्व ही खत्म होता दिखाई दे रहा है। नहर की नियमित मरम्मत और देखरेख नहीं होने के कारण पानी की आपूर्ति भी बाधित हो रही है। इससे सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और किसान अपनी फसलों के लिए पानी के संकट से जूझ रहे हैं।
अध्यक्ष प्रतिनिधि जितेंद्र दोगाया ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को मौखिक रूप से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों की उदासीनता के कारण किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
किसानों की मांग है कि नहरों की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए, सीपेज की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए और टूटी हुई संरचनाओं को ठीक किया जाए। यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में खेती पूरी तरह प्रभावित हो सकती है और किसानों की आजीविका पर संकट गहरा सकता है।
जिम्मेदार बोले
एई महेश सिंह ने बताया कि काम की स्वीकृति हो गई लेकिन फंड नहीं आया जैसे फंड आयेगा वैसे काम शुरू कर देंगें। साहब ने 5 से 6 लाइन की स्वीकृति दे गए है।
सब इंजिनियर कृष्णा सोलंकी ने बताया कि भोपाल लेटर भेज दिए है फंड के लिए जैसे होगा वैसे हम लोग काम शुरू करवा देंगें आवंटन आने में समय लगेगा।

Dainik kesariya Hindustan
Author: Dainik kesariya Hindustan

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