दैनिक केसरिया हिंदुस्तान/जिला ब्यूरो भूपेंद्र सिंह गंभीर
200 शौचालयों की सफाई से बदली तस्वीर, गांवों में बढ़ा उपयोग
एमसीबी
जिले में स्वच्छता अभियान को नई गति मिल रही है, जहां स्वच्छता प्रहरियों ने सफाई के साथ-साथ आजीविका का सशक्त मॉडल प्रस्तुत किया है। शौचालयों की मरम्मत और सफाई के जरिए अब तक 275 यूनिट दुरुस्त कर ₹63,230 की आय अर्जित की गई है।
मरम्मत से फिर उपयोग में आए शौचालय
स्वच्छता प्रहरियों ने केवल सफाई ही नहीं, बल्कि क्षतिग्रस्त और बंद पड़े शौचालयों की मरम्मत पर भी विशेष ध्यान दिया। जाम यूरिनल पैन, बंद पाइप लाइन, चैंबर सफाई और टाइल्स फिटिंग जैसे कार्यों से कई शौचालय फिर से उपयोग में आ गए हैं।
200 शौचालयों की नियमित सफाई
अब तक करीब 200 शौचालयों की नियमित सफाई की जा चुकी है, जिससे ग्रामीणों को स्वच्छ और सुरक्षित उपयोग की सुविधा मिल रही है। इससे गांवों में स्वच्छता का स्तर बेहतर हुआ है।
खुले में शौच की प्रवृत्ति में कमी
इस पहल का असर साफ दिखाई दे रहा है। जहां पहले कई शौचालय अनुपयोगी थे, वहीं अब उनके उपयोग बढ़ने से खुले में शौच की प्रवृत्ति में कमी आई है और लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
*स्वच्छता के साथ रोजगार भी*
यह पहल केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन का भी माध्यम बन रही है। स्वच्छता प्रहरियों को आय का स्थायी स्रोत मिल रहा है।
*प्रशासन ने सराहा प्रयास*
अधिकारियों के अनुसार, स्वच्छता प्रहरियों की मेहनत और जिम्मेदारी के चलते यह संभव हो पाया है कि स्वच्छता अभियान को मजबूती मिलने के साथ-साथ आय के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
*स्वच्छ भारत मिशन को मिल रही मजबूत*
यह पहल स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को साकार करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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